अबतक इंडिया न्यूज जयपुर 10 अगस्त । राजस्थान में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावों की चरणबद्ध व्यवस्था को लेकर तैयारियों की समीक्षा की है. प्रदेश में नगर निकाय चुनाव मुख्य रूप से दो चरणों में, जबकि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है.
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को शासन सचिवालय में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि एक राज्य-एक चुनाव के तहत स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ चुनाव कराने से राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक निरंतरता और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा.
नगर निकाय चुनाव- 39 जिलों में दो चरण, 2 जिलों में एक चरण
नगर निकाय चुनाव के लिए प्रदेश के 39 जिलों में दो चरणों में मतदान कराने की व्यवस्था की गई है. वहीं, फलोदी और सलूम्बर जिलों में चुनाव एक ही चरण में कराने की तैयारी है. नगर निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. पहले चरण में 140 नगर निकायों के 5,050 वार्डों में मतदान होगा. इसके लिए 10,185 मतदान केंद्र प्रस्तावित हैं. इस चरण में 71,295 सिविल निर्वाचन कार्मिक और 61,110 पुलिस कार्मिक की आवश्यकता होगी.
दूसरे चरण में 169 नगर निकायों और 5,195 वार्डों में चुनाव होंगे. इस चरण के लिए करीब 6,280 मतदान केंद्रों की व्यवस्था प्रस्तावित है और 43,960 सिविल निर्वाचन कार्मिकों की आवश्यकता होगी.
पंचायत चुनाव-36 जिलों में चार चरण
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 36 जिलों में चार चरणों में कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है. वहीं, चार जिलों में दो चरण और जैसलमेर में एक चरण में चुनाव कराने की तैयारी है. पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश में करीब 48 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने प्रस्तावित हैं.
चुनाव में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा. वहीं, पंच और सरपंच के निर्वाचन के लिए मतपेटी के माध्यम से मतदान होगा.
15 अगस्त तक पूरे होंगे चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले
आयोग ने चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं. 21 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों का निर्धारित मानदंडों के अनुसार पदस्थापन किया जाना है. संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 तक पूरी करना जरूरी है.
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछले चुनावों में निर्वाचन संबंधी लापरवाही के लिए भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्रवाई के निर्देश झेल चुके कार्मिकों को चुनाव से सीधे जुड़े पदों पर तैनात नहीं किया जाएगा.
आरक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
बैठक में चुनाव के लिए पदों के आरक्षण से संबंधित कार्रवाई भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने और नामांकन, संवीक्षा एवं नाम वापसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के निर्देश दिए. यानी चुनावी तस्वीर अब साफ होती जा रही है. नगर निकायों में अधिकतर जिलों में दो चरण और पंचायतों में अधिकतर जिलों में चार चरण में मतदान कराने की तैयारी है.











