अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 7 अगस्त।कृषि विभाग द्वारा सूखा, कम वर्षा तथा विलंबित वर्षा की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि एडवाइजरी जारी की गई है।
संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल द्वारा जारी सलाह के अनुसार किसान वर्तमान वर्षा की स्थिति का आकलन करते हुए समय पर उचित कृषि निर्णय लें। यदि वर्षा 2 से 4 सप्ताह तक विलंबित हो तो बाजरा, मूंग, मोठ एवं ग्वार जैसी फसलों की अल्प अवधि वाली उन्नत किस्मों का चयन करें, बीज दर में आवश्यक वृद्धि करें तथा 0.05 प्रतिशत थायोयूरिया से बीज उपचार कर बुवाई करें।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि किसान सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र मिनी फव्वारा व ड्रिप का उपयोग करके कम पानी में अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा सूक्ष्म सिंचाई योजना में जहां सामान्य किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है वही लघु, सीमांत व अनूसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को 75 प्रतिशत तक अनुदान उद्यान विभाग द्वारा दिए जाने का प्रावधान है। किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन, फार्म पॉण्ड निर्माण तथा फसल की महत्वपूर्ण अवस्थाओं पर ही जीवन रक्षक सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ महेंद्र बिश्नोई ने बताया कि यदि वर्षा में 8 सप्ताह या उससे अधिक विलंब हो तो खरीफ फसल की बुवाई न कर भूमि में नमी संरक्षण करते हुए आगामी रबी फसलों की तैयारी करना अधिक लाभकारी रहेगा।
मृदा में नमी संरक्षण के लिए डस्ट मल्चिंग, भाखर एवं समतलीकरण, मल्चिंग तथा जैविक पदार्थों के उपयोग को अपनाने की अनुशंसा की गई है। साथ ही पशुपालकों से चारा एवं भूसा का पर्याप्त भंडारण, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा पशुओं के नियमित टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति के अनुसार वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ तथा अधिक जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए अपने निकटतम कृषि कार्यालय, कृषि पर्यवेक्षक अथवा कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क करें।











