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लक्ष्मीनाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव: यज्ञ में दी आहुतियां, नव विग्रहों के नगर भ्रमण पर उमड़ा जनसैलाब, ​ बुधवार को विधि-विधान से होगी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन

अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 16 जून । देशनोक के चौपाणी ब्राह्मण मोहल्ला स्थित नवनिर्मित लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठान के चौथे दिन मंगलवार को आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में जहां सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य यज्ञ संपन्न हुआ, वहीं शाम को भगवान के नव विग्रहों के नगर भ्रमण के दौरान पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।

वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर प्रांगण

​धार्मिक अनुष्ठान के तहत मंगलवार सुबह पंडित देवकिसन उपाध्याय के सान्निध्य में नियमित दैनिक देवताओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद आयोजित मुख्य यज्ञ में यजमान बने सामाजिक बंधुओं ने आहुतियां दीं। पंडितों के सान्निध्य में उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, लोक कल्याण और समृद्धि की कामना के साथ यज्ञ नारायण को आहुतियां समर्पित कीं।

पुष्पवर्षा और मंगल गीतों के साथ निकली नगर परिक्रमा

​शाम को स्थानीय शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ नव मूर्तियों की भव्य नगर भ्रमण परिक्रमा रवाना हुई।​कलश यात्रा के साथ परिक्रमा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर श्रीफल युक्त मंगल कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं।
​ नगर भ्रमण के निर्धारित मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर नव विग्रहों पर भारी पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत कर आरती उतारी।

गगनभेदी जयकारे:

परिक्रमा मार्ग से होते हुए जब यह यात्रा नवनिर्मित लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची, तो पूरा परिसर गगनचुम्बी जयकारों और पुष्पवर्षा से गूंज उठा। इससे पूर्व शास्त्रों के अनुसार मूर्तियों का पूर्ण विधि-विधान से पूजन किया गया था।

आज होगा मुख्य आयोजन: सजेगा भगवान का दरबार

 

पांच दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को सात सदस्यीय विद्वान पंडितों के समूह के सान्निध्य में मुख्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही पिछले पांच दिनों से चल रहे यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। महाआरती के बाद विशाल भंडारे (प्रसादी) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

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