अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 12 जून । ऐतिहासिक और रियासतकालीन कस्बे देशनोक के हजारों निवासियों को उनके पुश्तैनी मकानों का मालिकाना हक दिलाने के लिए पूर्व भाजपा अध्यक्ष व पार्षद प्रतिनिधि लक्ष्मण दान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नियमों में विशेष शिथिलता (छूट) देने की मांग की है।
कन्वर्जन और खातेदारी की शर्त से बढ़ी मुश्किलें
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि आगामी शहरी सेवा शिविरों (2026) के लिए जो नए दिशा-निर्देश सामने आ रहे हैं, उनके मुताबिक वैकल्पिक दस्तावेजों को अमान्य किया जा रहा है। अब केवल कन्वर्जन आदेश या खातेदारी भूमि के मामलों में ही धारा 69-A के तहत पट्टे जारी करने की बात कही जा रही है। इस कड़े नियम के कारण देशनोक जैसे पुराने कस्बे के हजारों मूल निवासी अपने ही पुश्तैनी घरों के पट्टों से वंचित हो जाएंगे।

राजस्व रिकॉर्ड में ‘गैर-मुमकिन आबादी’ है दर्ज
लक्ष्मण दान ने पत्र में स्पष्ट किया कि देशनोक एक अत्यंत प्राचीन और रियासतकालीन बसावट वाला क्षेत्र है। यहाँ की अधिकांश भूमि राजस्व रिकॉर्ड में ‘गैर-मुमकिन आबादी भूमि’ के रूप में दर्ज है। पीढ़ियों से रह रहे इन लोगों के पास वर्तमान कड़े नियमों के तहत मांगे जाने वाले पक्के या वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
2021 के ऐतिहासिक आदेश को लागू करने की गुहार
मामले का समाधान सुझाते हुए पत्र में स्वायत्त शासन विभाग द्वारा ‘प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021’ के तहत 27 सितंबर 2021 को जारी आदेश (क्रमांक 68191) का हवाला दिया गया है। इस परिपत्र के बिंदु संख्या 1(i) में स्पष्ट रूप से चार-दीवारी, सिटी-सर्वे और गैर-मुमकिन आबादी भूमि के मामलों में त्वरित निस्तारण के लिए विशेष छूट और मार्गदर्शन दिया गया था।
इसी आधार पर देशनोक को विशेष राहत देते हुए पट्टा प्रक्रिया में शिथिलता देने की मांग की गई है ताकि आम नागरिकों को सुगमता से फ्री-होल्ड पट्टा मिल सके। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, स्थानीय विधायक, स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री, निदेशक, और जिला कलेक्टर बीकानेर को भी प्रतिलिपि भेजकर ध्यान आकर्षित किया गया है।











