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कबाड़ बेचकर जोधपुर रेल मंडल ने कमाए 58 करोड़ रुपए, टारगेट से तीन सौ फीसदी अधिक

अबतक इंडिया न्यूज 11 अप्रैल जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्क्रैप निस्तारण के जरिए 58 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 43.48 करोड़ रुपए अधिक है,यानी मंडल ने लगभग 300 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 2025/2026 वित्त वर्ष के लिए 15 हजार मीट्रिक टन स्क्रैप निस्तारण का लक्ष्य तय किया गया था,जिसे पार करते हुए मंडल ने 16,500 मीट्रिक टन कबाड़ का सफल निष्पादन किया है जो एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि जोधपुर रेल मंडल की यह उपलब्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है,बल्कि सुरक्षित,स्वच्छ और आधुनिक रेलवे प्रणाली की दिशा में एक ठोस कदम भी है।
उन्होंने बताया कि स्क्रैप हटाना सिर्फ राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं,बल्कि रेलवे सुरक्षा का अहम हिस्सा भी है।

डीआरएम के अनुसार
डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने इस उपलब्धि पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता ‘मिशन जीरो’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी पारदर्शिता,दक्षता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए और बेहतर परिणाम हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अतिरिक्त स्क्रैप निस्तारण से रेलवे की नॉन फेयर रेवेन्यू में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है,जिससे बुनियादी ढांचे के विकास और यात्री सुविधाओं में निवेश के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होते हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया और बेहतर प्रबंधन से मिली सफलता
इस उपलब्धि के पीछे कई ठोस प्रयास रहे जो इस प्रकार है
-ई-ऑक्शन प्रणाली के जरिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी नीलामी
-स्क्रैप की पहचान,वर्गीकरण और समयबद्ध निष्पादन-
विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सतत मॉनिटरिंग
-पुराने रेल ट्रैक,सिग्नलिंग सामग्री,लोहे के उपकरण और अनुपयोगी मशीनरी का वैज्ञानिक तरीके से निष्कासन

दुर्घटना जोखिम में कमी:
पटरियों, यार्ड और वर्कशॉप में पड़े अनुपयोगी लोहे व उपकरण हटने से ट्रैक पर अवरोध की आशंका कम होती है,जिससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित बनता है।
फायर और शॉर्ट सर्किट का खतरा कम:
पुराने केबल,जंग लगे उपकरण और बेकार सामग्री आग या तकनीकी खराबी का कारण बन सकते हैं। इन्हें हटाने से जोखिम घटता है।
बेहतर विजिबिलिटी और निगरानी:
कबाड़ हटने से यार्ड और स्टेशन क्षेत्र साफ रहते हैं,जिससे निरीक्षण और सुरक्षा निगरानी अधिक प्रभावी होती है।
अवैध गतिविधियों पर रोक:
अनुपयोगी सामग्री के ढेर अक्सर असामाजिक तत्वों के लिए जगह बनाते हैं। नियमित निस्तारण से ऐसे जोखिम कम होते हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
-रेल परिसरों में सफाई और सुव्यवस्था में सुधार
-रीसाइक्लिंग के जरिए प्राकृतिक संसाधनों की बचत
-औद्योगिक उपयोग में पुनः सामग्री आने से कार्बन फुटप्रिंट में कमी

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