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जोधपुर मंडल ने रचा इतिहास, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक की सर्वाधिक माल ढुलाई आय ₹1346.90 करोड़ अर्जित

अबतक इंडिया न्यूज जोधपुर, 29 मार्च। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक की सर्वाधिक माल ढुलाई आय 1346.90 करोड़ रुपए अर्जित कर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जोधपुर मंडल रेल विकास और राजस्व अर्जन की दिशा में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

जोधपुर मंडल ‘फुल स्पीड’ के साथ आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 जोधपुर मंडल की यात्रा में एक ‘वंडरफुल स्टेपिंग स्टोन’ साबित हुआ है,मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक की सर्वाधिक माल ढुलाई आय 1346.90 करोड़ रुपए अर्जित कर न केवल परिचालन में सुधार किया है, बल्कि राजस्व के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

माल ढुलाई में ऐतिहासिक स्वर्णिम उपलब्धि

जोधपुर मंडल ने 27 मार्च 2026 तक ₹1346.90 करोड़ की सर्वाधिक माल ढुलाई आय (Highest-ever Freight Earnings) अर्जित कर एक नया इतिहास रचा है। मंडल ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड ₹1309.15 करोड़ को पीछे छोड़ते हुए प्रदर्शन का एक नया ‘गोल्डन बेंचमार्क’ स्थापित किया है। यह उपलब्धि रेल प्रशासन की रणनीतिक योजना और टीम वर्क का परिणाम है।

माल लदान (Freight Loading) के नए आयाम

इस वित्त वर्ष में मंडल ने माल लदान के क्षेत्र में कई नए प्रयोग और विस्तार किए हैं।

मारवाड़ मुंडवा (MDW) गुड्स शेड से लाइमस्टोन का शुभारंभ:
मंडल ने मारवाड़ मुंडवा से लाइमस्टोन (चूना पत्थर) के लदान की नई शुरुआत की है। 26 मार्च 2026 को मारवाड़ मुंडवा से जेएसपीके (जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड), खुर्दा रोड डिवीजन (पूर्व तटीय रेलवे) के लिए 1755 किमी की दूरी तय कर रैक रवाना किया गया, जिससे ₹1.31 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।

प्रथम कंटेनर लदान:
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान NAC से CP तक पहली बार कंटेनर लदान की शुरुआत की गई, जो मंडल के पोर्टफोलियो में एक नया अध्याय है।

क्लिंकर लदान में रिकॉर्ड:
जनवरी 2026 में मंडल ने 0.121 मिलियन टन (30 रेक) का सर्वाधिक मासिक क्लिंकर लदान किया। वहीं, 27 मार्च 2026 तक वार्षिक क्लिंकर लदान 0.965 मिलियन टन (242 रेक) तक पहुंच गया है, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

नए और उच्च मूल्य वाले गंतव्यों का जुड़ाव
जोधपुर मंडल ने लंबी दूरी के और उच्च राजस्व देने वाले कई नए गंतव्यों तक अपनी पहुंच बनाई है।

टाटा स्टील (TSLJ):
2305 किमी की दूरी, ₹1.47 करोड़ राजस्व।

PPDP:
1375 किमी की दूरी, ₹1.03 करोड़ राजस्व।

JSW स्टील (JSWD):
1370 किमी की दूरी, ₹2.02 करोड़ राजस्व।

IGSTPP (MIGK): 773 किमी की दूरी, ₹63.43 लाख राजस्व।

NTPC खरगोन (NSPN): 1554 किमी की दूरी, ₹1.16 करोड़ राजस्व।

कुल माल लदान की बात करें तो 27 मार्च 2026 तक मंडल ने 6.733 मिलियन टन लदान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 5.93% अधिक है।

मंडल ने मालगाड़ियों की औसत गति में 3.47% का सुधार करते हुए 22.95 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हासिल की है। यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

जोधपुर से दिल्ली (सराय रोहिल्ला) के बीच नई वंदे भारत ट्रेन सहित कुल 06 नई ट्रेनें शुरू की गईं।

यात्रियों की सुविधा के लिए 32 जोड़ी ट्रेनों को नए ठहराव (Stoppages) प्रदान किए गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 68 विशेष ट्रेनें चलाई गईं।

यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए गाड़ी संख्या 14803/04 (भगत की कोठी–जम्मूतवी) और 22483/84 (भगत की कोठी–गांधीधाम) के रैक को पारंपरिक आईसीएफ से अत्याधुनिक एलएचबी कोच में बदला गया है।

जोधपुर मंडल द्वारा हासिल की गई यह अभूतपूर्व सफलता सभी विभागों के आपसी समन्वय और कर्मचारियों के समर्पण का परिणाम है।

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