अबतक इंडिया न्यूज 30 दिसंबर । जयपुर में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक बेहद खास रहने वाली है. आज की बैठक में सबसे हॉट टॉपिक जिसपर सबकी नजरें होंगी वो है पंचायत चुनाव में दो संतान वाले नियम को हटाने पर चर्चा. आपको बता दें कि पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने में दो से ज्यादा संतान होने पर अयोग्यता का नियम लागू है.
पंचायत और निकाय चुनाव में क्या है दो संतान वाला नियम ?
अगर किसी व्यक्ति की 1 जून 1995 के बाद दो से ज्यादा संतान हैं, तो वो पंच-सरपंच , जिला परिषद सदस्य या प्रधान का चुनाव नहीं लड़ सकता है. अगर चुनाव जीतने के बाद ये पाया जाता है कि उम्मीदवार ने जानकारी छुपाई है और उसकी तीसरी संतान भी है तो उसे पद से हटा दिया जाता है.
सरकारी नौकरी में दो संतान वाला नियम क्या है ?
राजस्थान सिविल सेवा नियम 2001 के तहत – 1 जून 2002 के बाद दो से ज्यादा संतान वाले उम्मीदवार सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माने जाते थे. अगर किसी कर्मचारी की तीसरी संतान होती थी तो उसका प्रमोशन 5 साल रोक दिया जाता था
अगर कैबिनेट बैठक में दो संतान वाले नियम को हटाया जाता है तो पंचायत चुनाव में अलग की प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी. वहीं सरकारी कर्मचारियों में भी व्याप्त असंतोष कम होहगा. क्योंकि दो संतान वाला नियम केंद्रीय नौकरी में नहीं है.
मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है भजनलाल सरकार का ये फैसला !
पंचायत और निकाय चुनाव पास है ऐसे में इस संदर्भ में लिया गया कोई भी फैसला राजस्थान सरकार के लिए मास्टर स्ट्रोक जैसा साबित हो सकता है. वहीं कई स्थानीय नेता चुनाव लड़ने के योग्य हो जाएगे. वहीं राजस्थान में सरकारी सेवा में प्रमोशन और भर्ती में दो से ज्यादा संतान होने पर जो रूकावटे आती है, उन्हे कम करने पर भी भजनलाल सरकार कोई अंतिम फैसला कर सकती है. जिससे हजारों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है.
कैबिनेट में और किन मुद्दों पर होगी चर्चा ?
वहीं आज की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , पिछले बजट घोषणाओं के क्रियांवयन पर रिपोर्ट कार्ड क्या रहा मांग सकते हैं वहीं ईआरसीपी और यमुना जल समझौते जैसी बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा हो सकती है. कैबिनेट बैठक में अवैध खनन पर लगाम, पेपर लीक माफिया और कानून व्यवस्था को लेकर दिशा निर्देश दिये जा सकते हैं. रिफाइनरी, सेवा नियमों में संशोधन और भू आवंटन से जुड़े मसलों पर भी कैबिनेट बैठक में चर्चा संभव है.









