अबतक इंडिया न्यूज दिल्ली 11 दिसंबर । लोकसभा में 10 दिसंबर गुरुवार को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोप से हंगामा हो गया. दरअसल अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद पर सदन के अंदर ई सिगरेट पीने का आरोप लगया, उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया और बोला कि जब देशभर में ई सिगरेट बैन है तो क्या लोकसभा में इसकी अनुमति दी गई है. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर ई-सिगरेट काफी ट्रेंड कर रहा है. आइए जानते हैं क्या है ई-सिगरेट? ई-सिगरेट से जुड़े अपराध की क्या है सजा?
क्या है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाला एक डिवाइस होता है, जिसमें लिक्विड को भाप में बदला जाता है. इससे निकलने वाला धुआं सांस के अंदर जाता है. ई सिगरेट में निकोटीन भी पाया जाता है. इसके अलावा ई सिगरेट में प्रोपलीन, ग्लाइकॉल फ्लेवरिंग और कई दूसरे केमिकल पाए जाते हैं. ये केमिकल सेहत के लिए बेहद नुकसानकारी होता है. आइए जानते हैं ई-सिगरेट के नुकसान .
ई सिगरेट पीने के नुकसान
ई सिगरेट में प्रोपलीन ग्लाइकॉल और वेजिटेबल ग्लिसरीन पाया जाता है जो कि सेहत के लिए घातक होता है. इसका सेहत पर काफी बुरा असर पड़ता है. ई-सिगरेट में एक्रोलिन होता है जो कि फेफड़ों के नुकसान पहुंचा सकता है. लंबे समय तक ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने से फेफड़ों में कैंसर की समस्या हो सकती है.
2019 से भारत में बैन में बैन है ई-सिगरेट
अनुराग ठाकुर ने याद दिलाया कि भारत सरकार ने 2019 में ही देश में ई-सिगरेट के निर्माण, आयात और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. ऐसे में, कानून बनाने वाले मंदिर के भीतर ही प्रतिबंधित वस्तु का उपयोग करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सदन की घोर अवमानना है. ई-सिगरेट के नुकसान देखते हुए भारत में इसे बैन किया गया है. भारत सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट को देश में पूरी तरह से बैन कर दिया था. भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, भूटान, ब्राजीन, कुवैत, लेबनान, मॉरीशस, मैक्सिको, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, सीरिया, जैसे देशों में ई सिगरेट बैन है.
क्या है सजा
ई-सिगरेट से जुड़ी गतिविधियों को भारत में गैर कानूनी माना गया है. गतिविधिया जैसे (ई-सिगरेट का आयात, निर्यात, ऑनलाइन या ऑफलाइन बिक्री, विज्ञापन आदि. पहली बार अपराध करने पर 1 साल की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना है. वहीं दूसरी बार ई सिगरेट से जुड़ा अपराध करने पर 3 साल की सजा और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
#WATCH | Delhi | On E-cigarette within the House controversy, Union Minister Giriraj Singh says, “BJP MP Anurag Thakur raised this issue. E-cigarettes were prohibited in 2019, and if an MP smokes an E-cigarette inside the House, it hurts the dignity of the House…It is very… pic.twitter.com/LJCD67mjHR
— ANI (@ANI) December 11, 2025
- विवाद बढ़ने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भी आक्रामक रुख अपनाया. संसद परिसर में सिगरेट पीने को लेकर जब उनसे सवाल किया गया और गजेंद्र सिंह शेखावत की आपत्ति का जिक्र किया गया, तो रॉय बिफर पड़े.
- सौगत रॉय ने कहा, गजेंद्र सिंह शेखावत कोई स्पीकर नहीं हैं. आपको या उन्हें जवाब देने की मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है. आपको जो दिखाना है दिखाइए, मुझे फर्क नहीं पड़ता.
- नियमों का हवाला देते हुए सौगत रॉय ने अपनी सफाई में कहा, संसद भवन (बिल्डिंग) के अंदर सिगरेट पीना मना है, लेकिन परिसर कांम्प्लेस और ओपेन एरिया में पी सकते हैं. टीएमसी सांसद अंदर पी रहे हैं या नहीं, वह दूसरी बात है. शेखावत हमारे स्पीकर हैं क्या? अगर आप मंत्री को खुश करना चाहते हैं तो कोई भी खबर दिखाइए.
- सांसदों के आचरण पर नई बहस
स्पीकर ओम बिरला की हिदायत के बाद सदन के अंदर ई-सिगरेट वाले मामले पर आधिकारिक कार्रवाई की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने संसद के अंदर के अनुशासन और सांसदों के व्यवहार पर एक नई बहस छेड़ दी है. भाजपा इसे विपक्ष की गंभीरता की कमी बता रही है, जबकि टीएमसी इसे सरकार द्वारा मुद्दा भटकाने की कोशिश करार दे रही है.









