अबतक इंडिया न्यूज 30 नवंबर । चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा को एक सप्ताह बढ़ा दिया है. अब मतदाता सूची रिविजन से जुड़े सभी चरण नई तारीखों के मुताबिक पूरे किए जाएंगे. 12 राज्यों में एसआईआर अब 11 दिसंबर तक अपडेट किया जा सकता है. अब ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी होगा.
इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तक थी. यानी सिर्फ 4 दिन शेष रह गए थे. अब 7 दिन समय-सीमा बढ़ने से अंतिम तिथि 11 दिसंबर हो गई.
The Election Commission of India has announced a revised Schedule, extending the relevant dates by one week for the ongoing Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls in 12 States/UTs, with 01.01.2026 as the qualifying date. pic.twitter.com/sJB7nHH7A6
— ANI (@ANI) November 30, 2025
तारीखों में क्या हुए बदलाव?
- ड्राफ्ट पब्लिकेशन का समय 9 दिसंबर 2025 से बदलकर 16 दिसंबर 2025 कर दिया गया है.
- दावे और आपत्ति की तारीख 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बजाय अब 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है.
- अंतिम सूची प्रकाशन पहले 7 फरवरी 2026 को किया जाना था, जो अब 14 फरवरी 2026 को होगा. इस पूरी प्रक्रिया को एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया गया है.
बीएलओ के दबाव में आएगी कमी
सरकार के इस कदम को बीएलओ को एक राहत के रूप देखा जा रहा था. क्योंकि 4 दिसंबर तक एसआईआर फॉर्म जमा करने के दबाव में कई बीएलओ को दिल के दौरे, आत्महत्या आदि जैसी खबरे आई हैं. सरकार के इस निर्णय से अब एसआईआर प्रक्रिया में लगे अफसरों को एक सप्तहा का और समय मिलेगा.
इन राज्यों में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया
पहले चरण के तहत चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया चलाई थी. वहीं दूसरे चरण में देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर कराया जा रहा है. जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है उनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची को ज्यादा सटीक, अद्यतित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एसआईआर कराना जरूरी है.
हालांकि, पोल पैनल ने SIR को एक हफ्ते बढ़ाने का कारण नहीं बताया. खास बात यह है कि यह नया डेवलपमेंट विपक्ष, खासकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चल रही इस प्रक्रिया की आलोचना के बीच आया है. इससे पहले, बीएलओ की कथित मौतों पर चिंता जताते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “SIR की आड़ में, पूरे देश में अफ़रा-तफ़री फैला दी गई है. नतीजा यह है कि तीन हफ़्तों में, 16 बीएलओ ने अपनी जान गंवा दी है. हार्ट अटैक, स्ट्रेस, सुसाइड- एसआईआर कोई सुधार नहीं है, यह एक थोपा हुआ अत्याचार है.”
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने पहले एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, “तथाकथित इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के बिना प्लान किए, लगातार काम के बोझ के कारण कीमती जानें जा रही हैं. एक प्रोसेस जिसमें पहले 3 साल लगते थे, अब राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए चुनावों से ठीक पहले 2 महीने में किया जा रहा है, जिससे बीएलओ पर अमानवीय दबाव पड़ रहा है.” बनर्जी ने चुनाव आयोग से राज्य में वोटर रोल की SIR तुरंत कराने की भी अपील की है.











