अबतक इंडिया न्यूज 11 नवंबर । दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन की खबर को बेटी ईशा देओल ने अफवाह बताया है. ईशा देओल ने धर्मेंद्र का हेल्थ अपडेट दिया है. उन्होंने पोस्ट कर लिखा- मीडिया गलत खबरें फैलाने की तेजी में हैं. मेरे पिता स्थिर हैं और रिकवर कर रहे हैं. हम सभी से रिक्वेस्ट करते हैं कि हमारी परिवार को प्राइवेसी दें. पापा की जल्द रिकवरी के लिए प्रार्थनाओं के लिए थैंक्यू.

धर्मेंद्र को सांस लेने में हो रही थी दिक्कत
धर्मेंद्र 31 अक्टूबर, 2025 को रेगुलर चेकअप के लिए हॉस्पिटल पहुंचे थे. उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी जिसके बाद एक्टर को एडमिट कर लिया गया था. धर्मेंद्र पिछले कई दिनों से आईसीयू में थे जिसके बाद 10 नवंबर को ऐसी खबरें आईं कि उनकी तबीयत नाजुक है. ऐसे में हेमा मालिनी, सनी देओल, ईशा देओल, उनके पोते करण देओल और राजवीर देओल उनसे मिलने हॉस्पिटल पहुंचे थे.
झूठी अफवाहों पर हेमा मालिनी ने भी जताई नराजगी
पति धर्मेंद के निधन की न्यूज चैनलों की तरफ से लगातार निधन की झूठी खबरों के लेकर पत्नी हेमा मालिनी में भी नाराजगी जाहिर की है. कुछ प्रतिष्ठित समाचार चैनलों की गैर-ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग की कड़ी निंदा की है. साथ ही इसे माफ करने लायक नहीं बताया है. उन्होंने अपने एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि जिम्मेदार चैनल एक ऐसे इंसान के बारे में झूठी खबरें कैसे फैला सकते हैं? यह बहुत ही अपमानजनक और गैर-ज़िम्मेदार हरकत है.” परिवार ने मीडिया से आग्रह किया है कि वे उनकी प्राइवेसी की जरूरत का सम्मान करें और आधारहीन अफवाहें फैलाना तुरंत बंद करें.
What is happening is unforgivable! How can responsible channels spread false news about a person who is responding to treatment and is recovering? This is being extremely disrespectful and irresponsible. Please give due respect to the family and its need for privacy.
— Hema Malini (@dreamgirlhema) November 11, 2025
शोले में वीरू के उनके किरदार ने उन्हें अमर बना दिया
शुरुआत में उन्होंने ‘फूल और पत्थर’, ‘शराफत’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्मों में रोमांटिक और गंभीर भूमिकाएं निभाईं. 70 के दशक में उन्हें एक्शन हीरो के तौर पर पहचान मिली. ‘यादों की बारात’, ‘प्रतिज्ञा’ और विशेष रूप से ‘शोले’ (Sholay) में ‘वीरू’ के उनके किरदार ने उन्हें अमर बना दिया. ‘शोले’ को आज भी भारतीय सिनेमा की मील का पत्थर माना जाता है.
उन्होंने कॉमेडी में भी महारत हासिल की. ऋषिकेश मुखर्जी के साथ उनकी ‘चुपके चुपके’ आज भी बॉलीवुड की क्लासिक कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है. उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया था, जो सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान का प्रमाण है.
राजस्थान के बीकानेर से सांसद रहे ‘वीरू’
अभिनय के अलावा, धर्मेंद्र ने राजनीति के मैदान में भी अपनी किस्मत आजमाई थी. धर्मेंद्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े थे और राजस्थान के बीकानेर (Bikaner, Rajasthan) लोकसभा क्षेत्र से सांसद (MP) रहे थे. 2004 के आम चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की थी. सिनेमा के इस दिग्गज का राजनीति में प्रवेश और बीकानेर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है.
धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं
फिल्मों में एंट्री के बाद धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं और उन्होंने उनसे शादी की। उस समय इस शादी को लेकर काफी कॉन्ट्रोवर्सी भी हुई। इस शादी को लेकर खबर आई कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने इसके लिए इस्लाम धर्म अपनाया। हालांकि, एक राजनीतिक अभियान के दौरान जब ये अफवाहें जोरों पर फैलने लगीं तो धर्मेंद्र ने दावा किया कि वह हिंदू बने रहे और उनका परिवार आर्य समाजी है। उन्होंने और हेमा मालिनी ने 1970 के दशक में ‘शोले’ सहित कई फिल्मों में साथ काम किया। हेमा मालिनी से उन्हें दो बेटियां हैं, ईशा देओलऔर अहाना देओल।
‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से धर्मेंद्र का डेब्यू
बता दें कि सुपरस्टार धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू किया था। उन्होंने पहली बार 1960 के दशक के बीच ‘आई मिलन की बेला’ , ‘फूल और पत्थर’ और ‘आए दिन बहार के’ जैसी फिल्मों के लिए लोकप्रियता हासिल की।हिंदी फिल्मों में उनकी कई ऑन-स्क्रीन भूमिकाओं के लिए उन्हें भारत का ‘ही-मैन’ करार दिया गया। हालांकि, उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली थी साल 1966 में आई फिल्म’फूल और पत्थर’ से। इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में धर्मेन्द्र मीना कुमारी के साथ नजर आए थे। धर्मेंद्र ने अपने करियर में कई शानदार और यादगार फिल्में कीं जिसमें ‘आया सावन झूम के’, ‘जीवन मृत्यु’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘सीता और गीता’, ‘राजा जानी’, ‘यादों की बारात’, ‘शोले’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘चरस’, ‘धरम वीर’, ‘गुलामी’, ‘हुकूमत’, ‘आंखें’ , ‘शिकार’, ‘बंदिनी’ , ‘हकीकत’ , ‘अनुपमा’ ,’ ममता’ , ‘मझली दीदी’ , ‘सत्यकाम’ , ‘नया जमाना’ , ‘समाधि’ , ‘रेशम की डोरी’ , ‘चुपके चुपके’, ‘दिल्लगी’ , ‘द बर्निंग ट्रेन’ , ‘दो दिशाएं’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
धर्मेन्द्र ने 300 से अधिक फिल्मों में किया काम
धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे हैंडसम और सफल फिल्म स्टार्स में से एक माना जाता है। उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ नाम भी दिया गया है। करीब 6 दशकों से अधिक के सिनेमाई करियर के साथ उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। धर्मेंद्र के नाम हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में अभिनय करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1987 में एक ही वर्ष में सात लगातार हिट और नौ सफल फिल्में दीं।











