अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 24 अक्टूबर । राजस्थान में आगामी निकाय चुनाव-2026 एवं पंचायतीराज चुनाव-2026 की तैयारियों के बीच निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव के दौरान ईवीएम कमिशनिंग (EVM Commissioning) और मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में जमा कराने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचना न दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी (देहात), बीकानेर के संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने राजस्थान निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
नियमानुसार सूचना न देने का आरोप
निर्वाचन आयुक्त को भेजे पत्र में प्रहलाद मार्शल ने आरोप लगाया कि वर्तमान में स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों द्वारा ईवीएम कमिशनिंग और मतदान पश्चात ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में सील कराने जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को न तो समय पर सूचित किया जा रहा है और न ही नियमानुसार सूचना-पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके चलते इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के समय राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुरानी व्यवस्था और पारदर्शिता का हवाला
कांग्रेस संगठन महासचिव ने पत्र में ध्यान दिलाया कि पूर्व में ईवीएम कमिशनिंग के दौरान फॉर्म संख्या 7, 8, 9, 10 एवं 11 पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर करवाए जाते थे। इसके अलावा, मतदान समाप्ति के बाद जब ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में जमा किया जाता था, तब भी राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने का पूरा अवसर दिया जाता था और स्ट्रॉन्ग रूम की सील पर उनके हस्ताक्षर करवाए जाते थे। इस पारदर्शी व्यवस्था से सभी दलों का निर्वाचन प्रक्रिया में विश्वास बना रहता था।
“निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की भागीदारी और निगरानी ही पारदर्शिता और विश्वसनीयता की रीढ़ है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए।” — प्रहलाद सिंह मार्शल, संगठन महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी (देहात), बीकानेर
निर्वाचन आयोग से की गईं प्रमुख मांगें:
- समय पर लिखित सूचना: ईवीएम कमिशनिंग और स्ट्रॉन्ग रूम जमा करने की प्रक्रिया से पहले सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विधिवत लिखित सूचना भेजी जाए।
- सीलिंग प्रक्रिया में उपस्थिति: नियमानुसार स्ट्रॉन्ग रूम को सील करने तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के दौरान प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य की जाए।
- रैंडमाइजेशन की प्रतियां: चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ईवीएम के फाइनल रैंडमाइजेशन (Final Randomization) की प्रतियां भी समय पर राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएं।












