Home » टेक्नोलॉजी » जमीन से आसमान तक जियो, 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी की नई छलांग

जमीन से आसमान तक जियो, 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी की नई छलांग

जियो

अबतक इंडिया न्यूज नई दिल्ली, 08 अक्तूबर। जमीन पर मोबाइल नेटवर्क और फाइबर के बाद अब जियो की नजर अंतरिक्ष पर है। कंपनी करीब 1,600 सैटेलाइट की प्रस्तावित कॉन्स्टेलेशन और भारत में 23 ग्राउंड स्टेशन तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। लक्ष्य उन इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जहां जमीनी नेटवर्क की पहुंच मुश्किल है। जियो ने अपना यह सैटेलाइट विजन दिल्ली में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में शोकेस किया है।

जियो ने इसे ‘सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी’ नाम दिया है। इसके तहत करीब 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट यानी एलईओ सैटेलाइट की प्रस्तावित कॉन्स्टेलेशन दिखाई गई है। कंपनी का विजन डिजाइन, इंजीनियरिंग, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग से लेकर लॉन्च, डिप्लॉयमेंट और ऑपरेशन तक पूरी चेन पर नियंत्रण भारत में रखने का है।

जमीन से आसमान तक जियो
जमीन से आसमान तक जियो

इस प्लान में 23 प्रस्तावित ग्राउंड स्टेशन अहम भूमिका निभाएंगे। ये स्टेशन सैटेलाइट नेटवर्क को भारत की जमीन से जोड़ेंगे। साथ ही सैटेलाइट और जियो के मौजूदा टेरेस्ट्रियल नेटवर्क को एक साथ जोड़ने की योजना है।

जियो के डिस्प्ले में 100 फीसदी भूभाग और समुद्री क्षेत्र की कवरेज तथा 6 लाख से ज्यादा गांवों तक पहुंच का विजन दिखाया गया है। दूरदराज के गांव, द्वीपीय इलाके और बॉर्डर आउटपोस्ट इसके खास फोकस में हैं। इसके अलावा एंटरप्राइज, रिमोट साइट्स, एविएशन, मैरीटाइम, सरकार, डिफेंस और डिजास्टर रिस्पॉन्स में भी इसके इस्तेमाल की संभावना दिखाई गई है। ग्रामीण इलाकों के लिए डायरेक्ट टू डिवाइस कॉलिंग का भी जिक्र है।

इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आईएमसी के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। यह थीम टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी को पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाने की सोच को सामने रखती है। जियो का सैटेलाइट प्लान इसी सोच का एक तकनीकी उदाहरण दिखता है, जहां टावर और फाइबर की सीमा के बाद अंतरिक्ष के जरिए नेटवर्क आगे बढ़ाने की तैयारी है।

फिलहाल 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन दोनों प्रस्तावित योजना का हिस्सा हैं। लेकिन दिशा साफ है। जियो जमीन और अंतरिक्ष के नेटवर्क को जोड़कर कनेक्टिविटी की अगली सीमा तक पहुंचने की तैयारी दिखा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The specified slider is trashed.