अबतक इंडिया न्यूज 2 अगस्त नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिये संसद परिसर में ‘नाटक’ करने को लेकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में शिकायत दर्ज कराई। नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पार्टी विधायकों के साथ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई।
भारतीय परंपराओं का अपमान
बांसुरी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन की आड़ में सनातन संस्कृति का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन के बहाने सांसद पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक नाटक किया। यह कोई प्रदर्शन नहीं था। यह सनातन संस्कृति का मजाक, संत समाज का उपहास और भारतीय परंपराओं का अपमान था।

सनातन का अपमान माफी लायक नहीं
बांसुरी ने कहा कि लोकतंत्र में संविधान आपको निश्चित रूप से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है, लेकिन यह किसी भी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं देता। इसी वजह से हम आज (शनिवार को) थाने आए हैं। हमने शिकायत दर्ज कराई है, प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की और मामले की तुरंत जांच का अनुरोध किया। जगतगुरु बालक दास ने कहा कि संसद में जिस तरह से पप्पू यादव ने भगवान राम और सनातन का अपमान किया है, वह माफी के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वह कृत्य किया गया, उसे कोई सनातनी भूल नहीं सकता।
भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी बने पप्पू
उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में प्रतीकात्मक नाटक कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी बने, जबकि राहुल गांधी ने चंदा दिया। उसके बाद पप्पू यादव चंदे का बक्सा लेकर भागने लगे, जिन्हें दूसरे सांसदों ने रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाये गये।
सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप
इससे पहले वाराणसी में भी एक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वाराणसी के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि संतों की तहरीर पर कोतवाली थाने में राहुल गांधी, यादव और प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म का अपमान करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करना) और धारा 299 (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने वाले जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।











