अबतक इंडिया न्यूज 14 दिसंबर जयपुर । राजस्थान में तीन विधायकों पर विधायक निधि से काम स्वीकृत करने के बदले कमीशन मांगने के आरोप लगने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. इस मामले में सरकार ने तीन विधानसभा क्षेत्रों के विधायक कोष के खातों को फ्रीज करवा दिया है. वहीं, एक उच्च स्तरीय कमेटी से पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि भ्रष्टाचार में दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, बीजेपी ने खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा से तीन दिन में जवाब मांगा है.
उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित
मुख्यमंत्री भजनलाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए हाईलेवल जांच कमेटी बनाने के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज एक प्रमुख समाचार पत्र में विधायक निधि में भ्रष्टाचार की खबर प्रकाशित हुई है. यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है. किसी भी लोकसेवक द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार पर हमारी सरकार की नीति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की है.”
सीएम ने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, यदि भ्रष्टाचार में दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले की जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह) की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति (High Level Committee) गठित की गई. इन विधानसभा क्षेत्रों के MLA LAD के खाते भी फ्रीज कर दिये गये हैं.
किन-किन विधायकों का हुआ स्टिंग ऑपरेशन
बता दें कि एक समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन में राजस्थान के तीन विधायकों के द्वारा विधायक निधि में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का खेल उजागर हुआ था. समाचार पत्र ने भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना (भरतपुर) से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत का स्टिंग किया, जिसमें विधायक निधि में भ्रष्टाचार की बात सामने आई. समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन को तो बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा ने निराधार निराधार, गलत और तथ्यहीन करार दिया.
स्टिंग वीडियो पर भाजपा विधायक ने क्या कहा?
भाजपा विधायक डांगा ने स्टिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बंदा मेरे पास आया था. वह पहले भी चार बार आ चुका था और कुछ दिन पहले भी आया था. बार-बार आकर वह मुझसे स्वीकृति के बारे में बात कर रहा था. मैंने उसे स्पष्ट रूप से मना कर दिया था. मैंने उससे कहा कि जो स्वीकृति दी जाती है, वह गांव वालों की मांग और धरातल स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा गांव के लोगों से पूछ-समझकर, उनकी मांग के अनुरूप ही स्वीकृति निकाली जाती है.
कांग्रेस का हिंडौन विधायक अनीता को नोटिस
वहीं, अनीता जाटव का स्टिंग का वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस पार्टी ने एक्शन लेते हुए हिंडौन विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. कांग्रेस ने अनीता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनसे सात दिन के भीतर जवाब मांगा है. पार्टी ने सात दिन के भीतर जवाब नहीं मिलने पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है.
भाजपा ने रेवंतराम से तीन दिन में मांगा जवाब :
इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया के तहत खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. विधायक डांगा के खिलाफ विधायक निधि से विकास कार्य स्वीकृत करने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है. उनका यह यह कृत्य भारतीय जनता पार्टी के संविधान के अनुसार, अनुशासन भंग करने की श्रेणी में आता है.








