अबतक इंडिया न्यूज नई दिल्ली 22 मार्च । आज पीएम नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट और संभावित सप्लाई चेन बाधाओं को देखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री आवास पर साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजीत डोभाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल हुए. एलपीजी गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, कैरोसीन सहित तमाम मुद्दों पर पीएम को मंत्रालयों की तरफ से अपडेट दिए गए. प्रधानमंत्री का स्पष्ट और सख्त संदेश दिया कि इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच देश में किसी भी कीमत पर जरूरी सेवाएं और आम जनता की जरूरतें प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी बैठक के मुख्य 10 पॉइंट्स
जरूरी सेवाओं की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होनी चाहिए.
त्रिकोणीय रणनीति: भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अल्पावधि (Short), मध्यम (Medium) और लंबी अवधि (Long Term) के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई.
किसानों के लिए खाद: अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता को देखते हुए उर्वरकों (Fertilizers) के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान की जाएगी, ताकि किसानों को खाद की कमी न हो.
आयात में विविधता: केमिकल, फार्मास्युटिकल और पेट्रोकेमिकल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कच्चे माल के आयात के नए और सुरक्षित स्रोत तलाशे जाएंगे.
नए एक्सपोर्ट बाजार: भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के अन्य हिस्सों में नए निर्यात गंतव्य (Export Destinations) विकसित करने पर जोर दिया गया.
नागरिकों को राहत: पीएम मोदी ने सख्त निर्देश दिए कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो.
समर्पित कार्य समूह: पूरे सरकारी दृष्टिकोण (Whole of Government Approach) के साथ काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों के एक विशेष समूह का गठन किया गया है.
हितधारकों से संवाद: विभिन्न क्षेत्रों (Sectors) की समस्याओं को समझने और सुलझाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर परामर्श करने के निर्देश दिए गए.
जमाखोरी पर लगाम: राज्यों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि महत्वपूर्ण वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी (Hoarding) न हो सके.
सप्लाई चैन सुरक्षा: वैश्विक संकट के दौरान भारत की सप्लाई चैन को लचीला और मजबूत बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने का संकल्प लिया गया.
त्रिकोणीय रणनीति: भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अल्पावधि (Short), मध्यम (Medium) और लंबी अवधि (Long Term) के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई.
किसानों के लिए खाद: अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता को देखते हुए उर्वरकों (Fertilizers) के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान की जाएगी, ताकि किसानों को खाद की कमी न हो.
आयात में विविधता: केमिकल, फार्मास्युटिकल और पेट्रोकेमिकल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कच्चे माल के आयात के नए और सुरक्षित स्रोत तलाशे जाएंगे.
नए एक्सपोर्ट बाजार: भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के अन्य हिस्सों में नए निर्यात गंतव्य (Export Destinations) विकसित करने पर जोर दिया गया.
नागरिकों को राहत: पीएम मोदी ने सख्त निर्देश दिए कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो.
समर्पित कार्य समूह: पूरे सरकारी दृष्टिकोण (Whole of Government Approach) के साथ काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों के एक विशेष समूह का गठन किया गया है.
हितधारकों से संवाद: विभिन्न क्षेत्रों (Sectors) की समस्याओं को समझने और सुलझाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर परामर्श करने के निर्देश दिए गए.
जमाखोरी पर लगाम: राज्यों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि महत्वपूर्ण वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी (Hoarding) न हो सके.
सप्लाई चैन सुरक्षा: वैश्विक संकट के दौरान भारत की सप्लाई चैन को लचीला और मजबूत बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने का संकल्प लिया गया.
Chaired a meeting of the CCS to review the mitigating measures in the wake of the ongoing conflict in West Asia.
We had extensive discussions on short, medium and long term measures, including ensuring continued availability of fertilisers for farmers, diversifying import… pic.twitter.com/a0SQoGf39e
— Narendra Modi (@narendramodi) March 22, 2026
अजीत डोभाल ने दिए पीएम को अपडेट
मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक में वित्त मंत्री निरमला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मौजूद हैं. प्रधानमंत्री देश में तेल, गैस और उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं. सभी मंत्रालय के असफरों से वो अपडेट ले रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक में वित्त मंत्री निरमला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मौजूद हैं. प्रधानमंत्री देश में तेल, गैस और उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं. सभी मंत्रालय के असफरों से वो अपडेट ले रहे हैं.
सप्लाई चेन पर मंडराता खतरा
28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण कर जहाजों की आवाजाही को सीमित करने से वैश्विक शिपिंग रूट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक चुनौती बन गई है.
28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण कर जहाजों की आवाजाही को सीमित करने से वैश्विक शिपिंग रूट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक चुनौती बन गई है.
सरकार ने उठाए अहम कदम
मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक LPG की आपूर्ति के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और पैनिक बुकिंग में कमी आई है. सरकार ने राज्यों को कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाते हुए अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी है. कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी जारी है. साथ ही, घरेलू और व्यावसायिक स्तर पर PNG कनेक्शन विस्तार और बंदरगाहों के सामान्य संचालन पर जोर दिया जा रहा है.
मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक LPG की आपूर्ति के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और पैनिक बुकिंग में कमी आई है. सरकार ने राज्यों को कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाते हुए अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी है. कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी जारी है. साथ ही, घरेलू और व्यावसायिक स्तर पर PNG कनेक्शन विस्तार और बंदरगाहों के सामान्य संचालन पर जोर दिया जा रहा है.
पीएम मोदी का ‘नेशनल कैरेक्टर’ टेस्ट पर जोर
इससे पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि पश्चिम एशिया का युद्ध दुनिया के लिए एक बड़ी परीक्षा है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय चरित्र की महत्वपूर्ण कसौटी बताते हुए जनता से धैर्य और जागरूकता की अपील की थी. सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब और घरेलू उद्योगों पर न पड़े.
इससे पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि पश्चिम एशिया का युद्ध दुनिया के लिए एक बड़ी परीक्षा है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय चरित्र की महत्वपूर्ण कसौटी बताते हुए जनता से धैर्य और जागरूकता की अपील की थी. सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब और घरेलू उद्योगों पर न पड़े.
कूटनीतिक सक्रियता और रणनीति
युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं. उन्होंने सऊदी अरब, यूएई, कतर, इजरायल और ईरान सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की है. आज की बैठक में इन कूटनीतिक चर्चाओं के नतीजों और वैकल्पिक सप्लाई रूट पर भी विचार किया जा सकता है.
युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं. उन्होंने सऊदी अरब, यूएई, कतर, इजरायल और ईरान सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की है. आज की बैठक में इन कूटनीतिक चर्चाओं के नतीजों और वैकल्पिक सप्लाई रूट पर भी विचार किया जा सकता है.









