अबतक इंडिया न्यूज 18 मार्च । राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव करवाने को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया था. लेकिन इसके बावजूद सरकार चुनाव करवाने को लेकर देरी कर रही है. विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. वहीं प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है. पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है.
22 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने का लक्ष्य
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार व आयोग जानबूझकर चुनाव टाल रहे हैं, जो हाई कोर्ट के आदेश का सीधा उल्लंघन है.याचिका में कहा गया है कि राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का चरणबद्ध कार्यक्रम तय किया है, जिसमें 22 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने का लक्ष्य है. इससे साफ है कि 15 अप्रैल की कोर्ट निर्देशित समयसीमा में चुनाव संभव नहीं होंगे.
याचिका दायर करने से पहले पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अधिवक्ता पुनीत सिंघवी के माध्यम से राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लीगल नोटिस भेजा था. इसमें पुनरीक्षण कार्यक्रम को संशोधित कर 15 अप्रैल के अनुसार तैयार करने का अनुरोध किया गया था. ऐसा न करने पर अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दी गई थी.
हाई कोर्ट ने नवंबर 2025 में सुनाया था फैसला
राजस्थान हाई कोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत व निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. साथ ही, 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा था. इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भी शीर्ष कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दोहराया था.









