अबतक इंडिया न्यूज 8 जुलाई कोलायत । श्री कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने अपने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान गजनेर लिफ्ट परियोजना की रणधीसर माइनर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओ एंड एम (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) कार्यों में गंभीर कमियाँ और लापरवाही पाए जाने पर विधायक भाटी ने विभागीय अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही सहायक अभियंता (AEN) ओंकार मल एवं कनिष्ठ अभियंता (JEN) जयप्रकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब तलब करते हुए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि कार्य पूर्ण होने की गलत सूचना दी गई, जबकि निरीक्षण में कार्य अपूर्ण पाया गया और नहर का पानी व्यर्थ बह रहा था।
मुख्य अभियंता से वार्ता के बाद तत्काल छूटा पानी
किसानों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने आईजीएनपी (IGNP) के मुख्य अभियंता विवेक गोयल से दूरभाष पर कड़ी वार्ता की और माइनर में तत्काल पानी छोड़ने के निर्देश दिए। विधायक के इस हस्तक्षेप का त्वरित असर देखने को मिला और आज दोपहर 12 बजे से ही रणधीसर माइनर में पानी का प्रवाह प्रारंभ कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के काश्तकारों को बड़ी राहत मिली है।

आगामी 7 दिनों में पूरा होगा मेंटेनेंस कार्य
मौके पर मौजूद अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता ने विधायक को आश्वस्त किया कि आगामी सात दिनों में ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य पूरी तरह पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवधि के दौरान काश्तकारों को फव्वारा (स्प्रिंकलर) पद्धति से सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने हेतु तीन दिनों तक मोघे बंद रखकर डिग्गियों को भरा जाएगा, जिससे जल का समुचित प्रबंधन हो सके।
”किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं”- विधायक भाटी
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था का नियमित पर्यवेक्षण करते हुए जल वितरण में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भाटी ने दोहराया कि क्षेत्र के प्रत्येक काश्तकार को आवश्यकतानुसार पानी उपलब्ध कराने के लिए विधायक कार्यालय निरंतर निगरानी रखेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











