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मेहुल चोकसी का खेल खत्म! एंटवर्प कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, अब आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में मनेगी दीवाली

अबतक इंडिया न्यूज 17 अक्टूबर । भारत के सबसे चर्चित आर्थिक भगोड़ों में से एक मेहुल चोकसी के खिलाफ बेल्जियम की अदालत से बड़ी खबर आई है. एंटवर्प कोर्ट ने चोकसी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. अदालत ने साफ कहा कि भारतीय एजेंसियों की मांग वैध है और बेल्जियम पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी कानूनी रूप से सही थी. इस फैसले के साथ भारत की एजेंसियों CBI और ED को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है.

हालांकि चोकसी के वकीलों ने अदालत में कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे. इसलिए उसे तुरंत भारत नहीं भेजा जाएगा. लेकिन यह निर्णय भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और प्रत्यर्पण प्रक्रिया का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है.
चार महीने से जेल में बंद चोकसी
11 अप्रैल 2025 को एंटवर्प पुलिस ने चोकसी को गिरफ्तार किया था. वह पिछले चार महीने से जेल में बंद है और उसकी सभी जमानत याचिकाएं बेल्जियम की अदालतों ने खारिज कर दी हैं. अदालत ने कहा कि चोकसी के भागने का खतरा वास्तविक है, इसलिए गिरफ्तारी उचित है.
भारत ने रखे ठोस सबूत
भारत ने चोकसी के खिलाफ मजबूत केस पेश करते हुए उसे ₹13,850 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का मुख्य आरोपी बताया. CBI ने अदालत को बताया कि चोकसी ने PNB के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कर विदेशी बैंकों से बिना सिक्योरिटी के लोन हासिल किए और पैसा शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर मनी लॉन्डरिंग की.
भारत ने उस पर धोखाधड़ी, साजिश, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. IPC की धाराएं 120B, 201, 409, 420, 477A और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं 7 और 13 उसके खिलाफ लगाई गई हैं. अदालत ने माना कि ये अपराध बेल्जियम कानून में भी दंडनीय हैं, इसलिए dual criminality की शर्त पूरी होती है.
नकली हीरे और शेयर बाजार घोटाले
भारत ने अदालत में बताया कि मेहुल चोकसी ने अपनी कंपनियों के जरिए नकली हीरों को असली बताकर बेचने का रैकेट चलाया. उसने विदेशी बैंकों से फर्जी गारंटी पर लोन लिया और उसे मनी लॉन्डरिंग के जरिए विदेशों में ट्रांसफर कर दिया. इसके अलावा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजार में अनियमितताओं के कारण चोकसी को 10 सालों के लिए पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है.
CBI की मेहनत और अंतरराष्ट्रीय संधियों का हवाला
भारत ने UNTOC (Transnational Organized Crime Convention) और UNCAC (Anti-Corruption Convention) का हवाला देते हुए प्रत्यर्पण की मांग की. CBI की टीम तीन बार बेल्जियम गई, वहां के अधिकारियों को सभी सबूत सौंपे और एक यूरोपीय लॉ फर्म की मदद से कानूनी प्रक्रिया पूरी की.
भारत ने दी जेल सुविधा की गारंटी
भारत ने अदालत को भरोसा दिलाया कि प्रत्यर्पण के बाद चोकसी को मुंबई की आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा. उसे यूरोपीय मानवाधिकार आयोग (CPT) के मानकों के अनुसार सुविधा दी जाएगी. जिसमें साफ पानी, भोजन, टीवी, अखबार और निजी डॉक्टर शामिल होंगे. भारत ने यह भी कहा कि चोकसी को एकांत कारावास (Solitary Confinement) में नहीं रखा जाएगा.
नागरिकता पर विवाद
चोकसी ने दावा किया कि उसने 2018 में भारतीय नागरिकता छोड़ी और 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ली. लेकिन भारत ने कहा कि उसका भारतीय पासपोर्ट रद्द नहीं हुआ और वह अब भी भारतीय नागरिक है.
CBI की पुष्टि
CBI सूत्रों ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा, “यह भारत के प्रत्यर्पण अभियानों की सबसे बड़ी सफलता में से एक है.” एजेंसी ने जुलाई 2024 में चोकसी का लोकेशन बेल्जियम में ट्रेस किया था और उसी समय औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया था.

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