अबतक इंडिया न्यूज 29 दिसंबर । सोना 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है और चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार जाकर रिकॉर्ड बना चुकी है. सोने-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे मिडिल क्लास के लिए इसे खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है.
अब सोने के आभूषण खरीदना एक सपने जैसा हो गया है. शादी के लिए गहने खरीदना या भविष्य के लिए बचत करना मुश्किल हो गया है. रिकॉर्ड स्तर की इस महंगाई के बीच एक्सपर्ट्स ने एक बड़ा अपडेट दिया है. उनका मानना है कि जिस तेजी से कीमतें बढ़ी हैं, उसी रफ्तार से वे गिर भी सकती हैं और एक ही दिन में 10 से 20 फीसदी तक की भारी गिरावट संभव है.
इस पूरे साल सोना और चांदी दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत प्रति औंस लगभग 4,500 डॉलर तक पहुंच गई है. वहीं भारत में सोना 1.40 लाख के ऑल टाइम हाई पर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा चांदी की कीमतों में आई तेजी ने भी सबको चौंका दिया है. घरेलू बाजार में चांदी 2.50 लाख प्रति किलो के पार पहुंचकर इतिहास बना चुकी है.
तेज उछाल के बीच एक्सपर्ट्स ने कीमतों में गिरावट को लेकर चेतावनी दी है. उनका अनुमान है कि एक ही दिन में चांदी की कीमतें 10–12 फीसदी तक गिर सकती हैं और सोने में भी बड़ी गिरावट देखी जा सकती है. फिलहाल बाजार में विक्रेताओं की संख्या कम है, लेकिन एक्सचेंजों पर बड़े लॉन्ग पोजीशन बने हुए हैं. जैसे ही मुनाफावसूली शुरू होगी, बाजार को बड़ा झटका लग सकता है.
हालांकि इतनी ऊंची कीमतों पर असल में खरीद कौन कर रहा है, यह आम लोगों के लिए हैरानी का विषय है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आभूषणों या रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सोने की खरीद घट गई है. दुबई और भारत जैसे बड़े बाजारों में सोना और चांदी छूट पर मिलना इसी का संकेत है यानी ग्राहकों की खरीद कम हो रही है, लेकिन कीमतें बढ़ रही हैं.
बाजार सूत्रों का कहना है कि इस तेजी की असली ताकत निवेश से आ रही है. गोल्ड ETF, सिल्वर ETF, लॉन्ग टर्म निवेश और बड़े फंड्स की खरीदारी कीमतों को थामे हुए है. बैंक एफडी पर करीब 7 फीसदी रिटर्न की तुलना में सोना और चांदी ज्यादा रिटर्न दे रहे हैं, इसलिए कई लोग अपना पैसा सोने-चांदी में लगा रहे हैं. एक्सपर्ट्स ने एक ही दिशा में एकसाथ चलने को जोखिम भरा बताया है.
कीमतों में बढ़ोतरी का गहना उद्योग पर भी गहरा असर पड़ा है. आमतौर पर शादी और त्योहारों के मौसम में बढ़ने वाली बिक्री अब धीमी पड़ गई है. ज्वैलर्स का स्टॉक मूल्य बढ़ गया है, जिससे वर्किंग कैपिटल पर दबाव आ रहा है. पहले जो लोग 22 कैरेट सोना आराम से खरीदते थे, वे अब हल्के गहनों 18 या 14 कैरेट की ओर रुख कर रहे हैं.
चांदी की कीमतें इतनी बढ़ जाने से आम लोगों के लिए भारी चांदी खरीदना भी मुश्किल हो गया है. इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सोने की कीमत 10,000 रुपये से 15,000 रुपये तक घट सकती है, जबकि चांदी में 10 से 20 फीसदी तक की गिरावट संभव है.
जो लोग गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी गई है. कीमतें कुछ कम होने के बाद खरीदना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. निवेश के मामले में भी पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय किश्तों में निवेश कर जोखिम कम करने की सलाह दी गई है.
(नोट: यहां व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं. इन्हें निवेश सलाह न माना जाए. कोई भी निवेश फैसले लेने से पहले अपने फाइनेंशियस एडवाइजर से सलाह करना बेहतर है.)








