अबतक इंडिया न्यूज 11 फरवरी बजट। बजट भाषण के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सामाजिक दबाव के चलते अवसाद, चिंता और आत्महत्या जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इन चुनौतियों से निपटने और दीर्घकालिक मानसिक स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने के उद्देश्य से राज्य सरकार “राजममता राजस्थान मेंटल अवेयरनेस मेंटरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल प्रोग्राम” शुरू करेगी.
इस कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग, टेलीमेडिसिन और मानसिक रोगों के उपचार के लिए जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) चिकित्सा महाविद्यालय में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ” की स्थापना की जाएगी. यह सेंटर राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख संस्थान होगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित काउंसलरों के माध्यम से उन्नत उपचार और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा.
हर जिले में मेंटल हेल्थ यूनिट
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान, उपचार, पुनर्वास और रेफरेंस सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला मुख्यालयों पर भी मेंटल हेल्थ केयर यूनिट स्थापित की जाएंगी. जिला चिकित्सालयों में मनोचिकित्सकों के साथ-साथ साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि मरीजों को समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान, उपचार, पुनर्वास और रेफरेंस सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला मुख्यालयों पर भी मेंटल हेल्थ केयर यूनिट स्थापित की जाएंगी. जिला चिकित्सालयों में मनोचिकित्सकों के साथ-साथ साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि मरीजों को समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
स्कूल-कॉलेज में स्ट्रेस मैनेजमेंट क्लास
शिक्षा संस्थानों में भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष फोकस किया जाएगा. स्कूलों और कॉलेजों में स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ अवेयरनेस कैंपेन चलाए जाएंगे. उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित काउंसलरों द्वारा नियमित सत्र आयोजित करना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को मानसिक दबाव, परीक्षा तनाव और भावनात्मक समस्याओं से निपटने में सहायता मिल सके.
शिक्षा संस्थानों में भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष फोकस किया जाएगा. स्कूलों और कॉलेजों में स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ अवेयरनेस कैंपेन चलाए जाएंगे. उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित काउंसलरों द्वारा नियमित सत्र आयोजित करना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को मानसिक दबाव, परीक्षा तनाव और भावनात्मक समस्याओं से निपटने में सहायता मिल सके.
पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर
ग्रामीण और पंचायत स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने के लिए आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों के माध्यम से आम लोगों को मानसिक रोगों की समय पर पहचान, परामर्श और उपचार संबंधी जानकारी दी जाएगी, ताकि समस्याएं गंभीर रूप लेने से पहले ही नियंत्रित की जा सकें. दीया कुमारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार असहाय और लावारिस मरीजों को भी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित नहीं रहने देगी.
ग्रामीण और पंचायत स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने के लिए आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों के माध्यम से आम लोगों को मानसिक रोगों की समय पर पहचान, परामर्श और उपचार संबंधी जानकारी दी जाएगी, ताकि समस्याएं गंभीर रूप लेने से पहले ही नियंत्रित की जा सकें. दीया कुमारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार असहाय और लावारिस मरीजों को भी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित नहीं रहने देगी.
बिना कागज भी फ्री इलाज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुख्यमंत्री आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. बच्चों की चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाने के लिए जयपुर के जेके चिकित्सालय में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड की क्षमता वाला आईपीडी टावर स्थापित किया जाएगा. साथ ही पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग भी शुरू किया जाएगा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुख्यमंत्री आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. बच्चों की चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाने के लिए जयपुर के जेके चिकित्सालय में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड की क्षमता वाला आईपीडी टावर स्थापित किया जाएगा. साथ ही पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग भी शुरू किया जाएगा.
बच्चों के लिए हेल्थ मेगा प्लान
इसके अतिरिक्त राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) चिकित्सालय में 200 बेड का पेडियाट्रिक आईपीडी आईसीयू विकसित करने की भी घोषणा की गई है. इन घोषणाओं के जरिए राज्य सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य, बाल चिकित्सा और नि:शुल्क उपचार को बजट की प्राथमिकता में रखकर स्वास्थ्य ढांचे को व्यापक रूप से मजबूत करने का संकेत दिया है.
इसके अतिरिक्त राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) चिकित्सालय में 200 बेड का पेडियाट्रिक आईपीडी आईसीयू विकसित करने की भी घोषणा की गई है. इन घोषणाओं के जरिए राज्य सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य, बाल चिकित्सा और नि:शुल्क उपचार को बजट की प्राथमिकता में रखकर स्वास्थ्य ढांचे को व्यापक रूप से मजबूत करने का संकेत दिया है.










