अबतक इंडिया न्यूज 14 अक्टूबर । भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की निर्मम हत्या के बाद राजस्थान की कानून-व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। खनन पट्टे और जमीन से जुड़े विवाद में हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय आपात समीक्षा बैठक बुलाई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तीखा गुस्सा जाहिर किया।

माफिया कनेक्शन पर कड़ा रुख, अधिकारियों पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट लहजे में कहा कि राज्य में अपराध और भू-माफिया की गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में खनन और भूमि विवादों की जिलेवार सूची तैयार कर तुरंत निस्तारण की प्रभावी योजना बनाई जाए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में जवाबदेही तय करते हुए सरकार ने तुरंत बड़ा एक्शन लिया।

- वैर SHO निलंबित: भरतपुर जिले के वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- कई आला अफसर APO: लापरवाही के दायरे में आए भुसावर सीओ नीरज भारद्वाज और एएसपी प्रेरणा शेखावत सहित 6 अधिकारियों को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में डाल दिया गया है।
- पद से हटाए गए अधिकारी: दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को उनके वर्तमान पद से हटा दिया गया है।
‘कानून से ऊपर कोई नहीं’
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी आपराधिक घटना में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर गश्त बढ़ाने, छोटी घटनाओं पर तुरंत एक्शन लेने और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स को महिला सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद रखने के आदेश दिए गए हैं।










