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सीएम के लूणकरणसर दौरे से पूर्व कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दागे तल्ख सवाल ,सुशासन व विकास पर उठाए सवाल

अबतक इंडिया न्यूज 15 दिसंबर लूणकरणसर । जहां प्रदेश भर मे भजनलाल सरकार के दो वर्ष के विकास के कार्यों को लेकर बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है ,वहीं दूसरी और सरकार के विकास कार्यों के दावों पर कांग्रेस तीखे प्रहार कर रही हैं । भाजपा विकास कार्यों को जन जन तक पहुंचाने के लिए विधानसभा वार विकास रथ यात्रा निकाल रही हैं ,तो कांग्रेस प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था ,किसानों की बदहाली सहित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भाजपा को घेर रही हैं । सीएम के लूणकरणसर दौरे की पूर्व संध्या पर बीकानेर देहात जिला कांग्रेस के महासचिव महिपाल सारस्वत ने लूणकरणसर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम से कई तीखे सवाल  किए हैं ।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया-:
लूणकरणसर की ज़मीन से सत्ता के मुखिया से सीधे सवाल

” कल 16 दिसंबर को राजस्थान की सत्ता का काफ़िला लूणकरणसर पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने काग़ज़ी सुशासन के दो साल गिनाने आ रहे हैं —
साथ में प्रचार रथ, पोस्टर, शिलालेख और झूठी उपलब्धियों का भारी बोझ।

लेकिन लूणकरणसर पूछ रहा है—
ये किसका सुशासन है?
किसके लिए है ये विकास?

जिस विधानसभा में किसान को यूरिया के लिए पशुओं की तरह बाड़े में बंद किया जाए,
जहां प्रशासनिक अधिकारी धक्के मारें,
जहां 2–3 दिन लाइन में खड़ा रहकर भी किसान खाली हाथ लौटे —
क्या यही भाजपा का सुशासन मॉडल है?

अब सवाल सीधे कैबिनेट मंत्री जी से—
क्या आप मुख्यमंत्री के सामने इन अपमानित किसानों की सच्चाई रखेंगे?
या फिर शिलालेखों पर लिखी झूठी उपलब्धियां दिखाकर वाहवाही लूटेंगे?

सरकारी ख़रीद में धांधली किसी से छुपी नहीं है।
मूंगफली जैसी मुख्य फसल में जानबूझकर बहुत कम सरकारी ख़रीद की गई, मूंग का तो एक दाना भी सरकारी ख़रीद में नहीं खरीदा गया है सिर्फ़ घोषणा हुई…
किसानों को मंडियों में रुलाया गया,
और मजबूर होकर उन्हें औने-पौने दामों पर फसल बेचनी पड़ी।
क्या इस लूट को भी सुशासन कहा जाएगा?

रबी फसल का समय सामने है,
लेकिन सिंचाई पानी की पूर्ण और सुनिश्चित व्यवस्था आज भी नहीं।
कंवरसेन लिफ्ट नहर परियोजना के खालों का जीर्णोद्धार
किसानों की सहभागिता से होना चाहिए था,
लेकिन टेंडर प्रक्रिया ने इस पूरे काम को संदेह के घेरे में डाल दिया।
क्या रबी फसल भगवान भरोसे छोड़ दी गई है?

चक जोड़- डूडीवाली- कंकरालिया तो एक उदाहरण है,
जहां 6 महीने से पेयजल नहीं,
लोग और पशुधन के लिए चंदा कर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।
डबल इंजन सरकार में भी जनता प्यास से बेहाल है — क्या इसे उपलब्धि बताएंगे?

लूणकरणसर की बेटियां आज भी उच्च शिक्षा से वंचित हैं।
कन्या महाविद्यालय की मांग वर्षों से धूल खा रही है।
क्या कल इसकी घोषणा होगी,
या फिर बेटी बचाओ सिर्फ नारे और पोस्टर तक ही सीमित रहेगा?

ADJ कोर्ट की मांग वर्षों से लंबित है।
जनता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।
क्या मंत्री जी हिम्मत करके मुख्यमंत्री से इसकी घोषणा करवा पाएंगे?”

प्रेस कॉन्फ्रेंस  में देहात कांग्रेस जिला महासचिव महीपाल सारस्वत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय गोदारा , नगर अध्यक्ष शाहनवाज पड़िहार, जिला सचिव रामप्रताप सिहाग ,कांग्रेस मण्डल अध्यक्ष हारून कुरैशी, ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा, बंशी हुड्डा, पीसीस पूर्व सदस्य आशु सारण, सेवादल जिला महासचिव ओमप्रकाश भादू, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रघुवीर चौधरी, किसान नेता तोलाराम गोदारा , युवा कांग्रेस जिला महासचिव साजिद खान, सुनील  जाखड़, छात्र नेता आरिज खान भी मौजूद रहे ।

 

 

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