अबतक इंडिया न्यूज 29 नवंबर जैसलमेर । अश्विनी वैष्णव, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं गजेन्द्र सिंह शेखावत, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, भारत सरकार ने जैसलमेर स्टेशन से नई रेलसेवा का शुभारंभ शनिवार को किया।
इस अवसर पर रेल मंत्री ने जनभावनाओं के अनुरूप इस रेल सेवा का नामकरण स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस करने की घोषणा की। समारोह में अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारतीय रेल उतरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और कहा कि रेलवे नित प्रतिदिन नए आयाम स्थापित कर रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम भारतीय रेलवे की विकास यात्रा को नई ऊँचाईयों की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में रेल विकास को लेकर अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं जिसमे लगभग 55000 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर है। सीमावर्ती क्षेत्र में रेल नेटवर्क का विस्तार करने के क्रम में अनूपगढ़ से खाजूवाला, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर होकर भाभर तक नई लाइन के कार्य हेतु प्रस्ताव विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। इन लाइनों के निर्माण से आमजन को सुविधा होने के साथ-साथ सेना के रणनीतिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री द्वारा रेलवे को पर्याप्त बजट का आवंटन किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप रेल विकास को गति प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि 2014 से पूर्व राजस्थान में प्रति वर्ष औसतन मात्र 680 करोड़ रुपए बजट आवंटित होता था जो बढ़कर लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए हो गया है। पोकरण स्टेशन पर रेल सुविधाओं के बारे में बताते हुए कहा कि रामदेवरा-पोकरण वाया भैरव गुफा, कैलाश टेकरी नई रेल लाइन का कार्य पूरा होने पर सभी गाड़ियों का ठहराव इस स्टेशन पर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को इस लाइन का कार्य युद्ध स्तर पर करने के लिए दिशा निर्देश प्रदान किए। रेल मंत्री ने जन भावनाओं के अनुरूप आज संचालित होने वाली जैसलमेर-दिल्ली (शकूर बस्ती) एक्सप्रेस का नाम आज से ही स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस करने एवं जैसलमेर स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार बनाने की भी घोषणा की। वैष्णव ने कोचिंग डिपो के कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जैसलमेर से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सके। उन्होंने जैसलमेर स्टेशन के रीडेवलपमेंट के बारे में बताते हुए कहा कि 140 करोड़ रुपये की लागत से इसका स्टेशन का कायाकल्प किया गया है तथा जल्द ही इसके शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगभग 4000 करोड़ रुपये की लागत के साथ 85 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के मज़बूत होने के कारण 6 जोड़ी वन्दे भारत एवं 1 जोड़ी अमृत भारत सहित अन्य ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है एवं विगत 6 महीने में इस ट्रेन सहित 8 नई ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया गया है। साथ ही उन्होंने जैसलमेर से जोधपुर तक लाइन के ट्रैक रिन्युअल के कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए निर्देशित किया।
कार्यक्रम में गजेन्द्र सिंह शेखावत, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, भारत सरकार ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि हम सभी के लिए खुशी का क्षण है, क्योंकि आज जैसलमेर से दिल्ली शकूर बस्ती के लिए नई रेल सेवा का संचालन प्रारम्भ किया जा रहा है। यह केवल एक रेल सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि जैसलमेर के विकास, सुविधा और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नई रेल सेवा जैसलमेर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत समय में अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के लिए अनेकों कार्यों की सौगातें प्रदान की है।
कार्यक्रम में उम्मेदा राम बेनीवाल सांसद, कैलाश चौधरी पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री, छोटू सिंह, विधायक ने अपने संबोधन में नई रेल सेवा तथा रेल कार्यों के लिए अश्विनी वैष्णव जी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अमिताभ, महाप्रबन्धक-उत्तर पश्चिम रेलवे ने सभी गणमान्य अतिथियों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया।
जैसलमेर में आयोजित समारोह में विधायक फलौदी पब्बा राम,
विधायक पोकरण प्रताप पुरी सहित जनप्रतिनिधियों तथा सेना, बीएसएफ एवं एयर फ़ोर्स के जवानों की गरिमामय उपस्थित रहीं। साथ ही स्कूलों के बच्चों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की भी उत्साह जनक उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के उपरांत अश्विनी वैष्णव रेल मंत्री तथा गजेन्द्र सिंह शेखावत संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने जैसलमेर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के निरीक्षण के दौरान आगमन व प्रस्थान प्लाज़ा, बिल्डिंग मैनेजमेंट सर्वर रूम, एयर कोनकोर्स का जायज़ा लिया एवं कार्यों की सराहना की।











