अबतक इंडिया न्यूज 22 सितंबर देशनोक । देशनोक पालिका चुनाव एक बार फिर सुर्खियों में हैं।अध्यक्ष पद के बाद उपाध्यक्ष पद को लेकर हो रही चर्चाएं अब सुर्खियां बटोर रही हैं।कांग्रेस से उपाध्यक्ष पद के लिए पूर्व पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश मूंधड़ा ने नामांकन दाखिल कर एक नई बहस शुरू कर दी।क्योंकि कल सोमवार को मूंधड़ा की भाई की पत्नी सरिता मूंधड़ा चेयरमैन पद पर निर्वाचित हुए हैं।ऐसे में एक ही परिवार से उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर कांग्रेस ने अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यक समुदाय की दावेदारी को दर किनार कर दिया हैं।सात पार्षद अनुसूचित जाति वर्ग से होने के बावजूद उनकी दावेदारी को दर किनार करना कांग्रेस को कितना भारी पड़ेगा यह तो समय ही बतायेगा।लेकिन कांग्रेस में एक बार फिर परिवारवाद का बोलबाला कायम हुआ हैं।क्योंकि देशनोक पालिका में सत्ता अब किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं बल्कि एक परिवार पर केंद्रित हो गई हैं।
कोर वोटबैंक की अनदेखी पड़ेगी भारी..?
देशनोक पालिका चुनाव में कांग्रेस ने अपनी कोर वोट बैंक अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यक को दर किनार कर एक ही परिवार पर दांव खेला हैं। जातीय समीकरण के लिहाज से कांग्रेस के लिए यह दांव बेहद घातक साबित हो सकता हैं।संख्या बल के लिहाज से सबसे ज्यादा पार्षद अनुसूचित जाति वर्ग से जीत कर आए हैं।जातीय समीकरण व नीतिगत तौर पर उपाध्यक्ष पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत दिख रही थी। ओमप्रकाश मूंधड़ा को उपाध्यक्ष प्रत्याशी घोषित कर कांग्रेस ने कहीं अपनी कोर वोट बैंक की नाराजगी तो मोल नहीं ले ली ? राजनीतिक दृष्टिकोण से इसके दूरगामी परिणाम कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हो सकते हैं।











