अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 20 सितंबर । हनुमानगढ़ में नगर परिषद सभापति चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को सीआईडी-सीबी (CID-CB) और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने बीकानेर जाते समय हिरासत में ले लिया, जिसके बाद शुरुआती पूछताछ के अंत में उन्हें औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई वर्ष 2003 से जुड़े 23 साल पुराने फर्जी पट्टे जारी करने के आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है।
गणेशराज बंसल के गुट के 34 निर्दलीय जीते
इस घटनाक्रम के समय को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक भारी हलचल है। यह कार्रवाई ठीक उस मोड़ पर हुई है जब नगर परिषद सभापति पद का चुनाव सिर पर है और विधायक समर्थित खेमा स्पष्ट बहुमत के साथ काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। कुल 60 वार्डों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 15 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। वहीं, विधायक गणेशराज बंसल के गुट वाले निर्दलीय 34 पार्षद और माकपा का 1 प्रत्याशी चुनाव जीतकर आए हैं। बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा होने के बावजूद विधायक की हिरासती से स्थानीय राजनीति गरमा गई है।
23 साल पुराने मामले में कार्रवाई
जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2003 में फर्जी पट्टे जारी करने और धांधली के गंभीर आरोपों में विधायक बंसल, उनकी पत्नी और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। सीआईडी-सीबी के एएसपी सतपाल सिंह ने शुक्रवार को विधायक को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए तलब किया था। वहीं बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने कहा कि केंद्रीय या विशेष जांच एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई की आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
विधायक बंसल को हिरासत में लेने पर थाने का हुआ घेराव
विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थक, व्यापारी और निर्दलीय पार्षद उग्र हो गए। सैकड़ों समर्थक अग्रसेन भवन में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च निकालते हुए जंक्शन पुलिस थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी करने लगे। समर्थकों का नेतृत्व कर रहे अमित महेश्वरी, हरदीप रोड़ीकपुरा, पूर्व पार्षद मदन बाघेला और मुकेश भार्गव ने आरोप लगाया कि विधायक गुट के पार्षदों व व्यापारियों पर जीएसटी, रसद और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों से छापेमारी करवाकर दबाव बनाया जा रहा है।
धरना समाप्त, चुनाव में दिलचस्प मोड
बढ़ते तनाव को देखते हुए थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग की गई। मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी (SDM) रवि कुमार और डीएसपी मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि सभापति व उपसभापति का चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराया जाएगा और किसी पार्षद को परेशान नहीं किया जाएगा। आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन समर्थकों ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्षता नहीं बरती गई तो आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब दिया जाएगा। वर्तमान में विधायक खेमे ने मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।











