अबतक इंडिया न्यूज 2 सितंबर जयपुर/बीकानेर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने नगर पालिका देशनोक (बीकानेर) के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश मून्धड़ा और अन्य सहयोगियों के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मून्धड़ा पर अध्यक्ष पद पर रहते हुए नियम-कायदों को ताक पर रखकर स्वयं के नाम पर ही नगर पालिका के कीमती भूखंडों के पट्टे जारी करने का गंभीर आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
ACB में दर्ज परिवाद के अनुसार, तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश मून्धड़ा ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 69क का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने पद और अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए खुद के ही हस्ताक्षरों से अपने नाम पर तीन अलग-अलग पट्टे जारी कर दिए।
- 31 दिसंबर 2021: मून्धड़ा के नाम से 71.88 वर्गमीटर, 267.14 वर्गमीटर और 42.53 वर्गमीटर क्षेत्रफल के तीन पट्टे जारी किए गए।
- 11 जनवरी 2022: इन तीनों पट्टों का आधिकारिक पंजीयन (रजिस्ट्री) करवाया गया।
जांच और धारा 17A के तहत मंजूरी
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो द्वारा मामले की गहन प्राथमिक जांच की गई। इसके उपरांत सक्षम प्राधिकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 17A के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक पूर्वानुमोदन प्राप्त किया गया।
इन धाराओं के तहत केस दर्ज
जांच में तथ्य सही पाए जाने पर ACB ने तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश मुंधड़ा और अन्य के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध माना है। इसके तहत:
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988: धारा 13(1)(क) और 13(2)
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: संबंधित सुसंगत धाराएं
एसीबी की टीम ने मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान और गहन जांच शुरू कर दी है।












