अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 1 सितंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीनासर में मंगलवार को *अजनबी से सावधान’ विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 *श्रीमती इंदू चौधरी* ने विद्यार्थियों को अजनबी व्यक्तियों से सावधान रहने, संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी।
श्रीमती चौधरी ने संविधान में वर्णित *मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों* पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अजनबी व्यक्ति चॉकलेट, खाने-पीने की वस्तु या अन्य सामान देने का प्रयास करे तो उसे विनम्रता से मना कर देना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी *सुरक्षित स्थान*, जैसे विद्यालय, घर या नजदीकी दुकान पर चले जाना चाहिए तथा अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी सूचना देनी चाहिए।
सुनील कुमार, रेणु बाला उतरेजा ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी असहज अथवा संदिग्ध स्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत जानकारी देनी चाहिए।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. करनीदान कच्छवाह द्वारा संचालित *‘नशे को ना कहिए’ जनजागरण अभियान* की जानकारी अतिथियों को दी गई। प्राचार्य ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही नशे जैसी सामाजिक चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है।
शिविर के दौरान *ललित कुमार, कांता रानी, सीमा चौहान, तनीषा बिंदोरिया, सुनीता यादव एवं निशा जींगर* ने विद्यार्थियों को *नशा मुक्ति की शपथ* दिलाई।कार्यक्रम की व्यवस्था जिला विधिक सेवा के कार्मिक सूरजराम , ईश्वर दयाल ने की ।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य *डॉ. करनीदान कच्छवाह* ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विधिक जागरूकता शिविर विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।












