अबतक इंडिया न्यूज 26 मई । राजस्थान में इस समय भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते पानी की किल्लत भी गंभीर होती जा रही है. शहरों से लेकर गांवों तक लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं. कई इलाकों में नियमित जल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जबकि कुछ जगहों पर निजी टैंकर संचालकों की मनमानी और अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.ऐसे हालात में आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि पानी की समस्या होने पर वे किन सरकारी प्लेटफॉर्म्स पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं और सरकारी टैंकर सुविधा का लाभ कैसे उठा सकते हैं.
181 संपर्क पोर्टल पर दर्ज कराएं शिकायत
राजस्थान सरकार ने आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 181 संपर्क पोर्टल और टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की हुई है. अगर किसी इलाके में पानी की सप्लाई नहीं आ रही है या टैंकर संचालक ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं, तो लोग 181 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
इस पोर्टल की खास बात यह है कि शिकायतों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर तक की जाती है. इससे मामलों के समाधान की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद रहती है.
PHED कंट्रोल रूम से भी मिल सकती है मदद
राज्य के हर जिले में जलदाय विभाग (PHED) का स्थानीय कंट्रोल रूम संचालित होता है. यहां नागरिक पानी की सप्लाई बाधित होने, टैंकर नहीं पहुंचने या अन्य जल संकट से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं. स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज होने से विभागीय अधिकारी जल्दी कार्रवाई कर सकते हैं. कई जिलों में गर्मी के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है.
जिला प्रशासन ने बनाए विशेष कंट्रोल रूम
भीषण गर्मी और जल संकट को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने विशेष हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम शुरू किए हैं. यहां पानी की कालाबाजारी, टैंकरों की मनमानी और सप्लाई से जुड़ी शिकायतें सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती हैं. प्रशासन का कहना है कि पानी की अवैध बिक्री और जरूरतमंद लोगों का शोषण करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है.
फ्री सरकारी टैंकर सुविधा का भी उठा सकते हैं लाभ
बहुत कम लोगों को जानकारी होती है कि जिन इलाकों में नियमित जल सप्लाई नहीं हो रही है, वहां जलदाय विभाग की ओर से जरूरत पड़ने पर मुफ्त पानी के टैंकर भेजे जाते हैं. इसके लिए मोहल्ले या कॉलोनी के लोग सामूहिक रूप से स्थानीय XEN या AEN कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकते हैं. इसके अलावा 181 हेल्पलाइन के जरिए भी पानी की समस्या की जानकारी दी जा सकती है.










