अबतक इंडिया न्यूज 15 मार्च । पश्चिम बंगाल, असम में कब वोट पड़ेंगे, इसका ऐलान हो गया है. इन दो राज्यों के साथ केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु भी चुनाव की डेट सामने आएगी. इलेक्शन कमीशन ने बताया कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि बाकी राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी. सभी की मतगणना 4 मई को होगी. ममता बनर्जी चाहती थीं कि चुनाव कम से कम दो चरणों में कराया जाए, लेकिन बीजेपी और अन्य दल एक चरणों की मांग कर रहे थे.
उधर चुनावों की घोषणा से एक घंटे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों-मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में भी सरकारें अलर्ट मोड में आ गई हैं. असम की लड़ाई को सबसे बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि यहां कांग्रेस हिमंता बिस्वा सरमा को दूसरी बार सत्ता में आने से रोकने की हर कोशिश कर रही है. तमिलनाडु में स्टालिन दूसरी बार सत्ता में आने के लिए जोर लगा रहे हैं. उन्हें रोकने के लिए AIADMK और BJP ने अलायंस किया है.
EC ने 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान किया
असम – 9 अप्रैल, मतगणना 4 मई
केरल – 9 अप्रैल, मतगणना 4 मई
पुडुचेरी – 9 अप्रैल, मतगणना 4 मई
तमिलनाडु – 23 अप्रैल, मतगणना 4 मई
पश्चिम बंगाल – 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, मतगणना 4 मई
केरल – 9 अप्रैल, मतगणना 4 मई
पुडुचेरी – 9 अप्रैल, मतगणना 4 मई
तमिलनाडु – 23 अप्रैल, मतगणना 4 मई
पश्चिम बंगाल – 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, मतगणना 4 मई
विधानसभा चुनावों में 17.4 करोड़ मतदाता लेंगे हिस्सा
CEC ने बताया कि 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। CEC ज्ञानेश कुमार ने असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
किसी भी पात्र मतदाता को हटाया नहीं जाना चाहिए-CEC
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि शुद्ध मतदाता सूची हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है। किसी भी पात्र मतदाता को हटाया नहीं जाना चाहिए और किसी भी अपात्र मतदाता को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि EC ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए जानकारी। पिछले कुछ दिनों में आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने आगे कहा कि आयोग ने ज़िला चुनाव अधिकारियों, SPs, IGs, DIGs और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों, मुख्य सचिवों और DGPs के साथ भी बैठकें कीं।
2.19 लाख मतदान केंद्रों पर होगा चुनाव
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग ने SIR के लिए बेहतरीन काम करने वाले BLOs को भी सम्मानित किया। आयोग ने युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं, और हमारे SWEEP आइकन्स से भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में लगे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, ये पाँच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये चुनाव न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, और सचमुच हमारे राष्ट्र की एकता और विविधता को दर्शाते हैं।









