अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 14 मार्च। राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान द्वारा ‘पाण्डुलिपियों के अध्ययन में ए.आई. की उपयोगिता’ विषयक दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस शनिवार को शुरू हुआ। यह प्रदेश का अपने तरह का पहला आयोजन है।
सम्मेलन का शुभारंभ मुनि अमृतकुमार के सन्निध्य में हुआ। उन्होंने आधुनिक ज्ञान के प्रसार में कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग और इसकी सीमाओं पर विचार व्यक्त किए।

सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कृत्रिम बुद्धिमता में निरंतर सुधार तथा भारतीय भाषाओं के लिए विकसित कृत्रिम बुद्धिमता भाषा मॉडल की आवश्यकता बताई।
भाषिणी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने भारतीय भाषाओं के डिजिटाइजेशन के महत्व को भाषिणी के द्वारा किये गये 22 अन्य भाषाओं के कार्य से उजागर किया।
अजय कुमार राजावत ने अपनी पी.पी.टी. भाषाई ट्रांसक्राइबिंग का प्रदर्शन किया।
आईआईटी जोधपुर के प्रो. गौरव हरित ने चित्रों के लिए कृत्रिम बुद्धिमता तकनीक पर चर्चा की तथा आईजीएनसीए दिल्ली के पवन कुमार ने मानव- कृत्रिम बुद्धिमता लूप मॉडल के बारे में बताया।
आयुष मंत्रालय के सुमित ने भारतीय चिकित्सा ग्रंथों में कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग के बारे में बताया। डॉ. संदेशा रायपाल ने सांस्कृतिक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमता के दुरुपयोग पर प्रकाश डाला। दिल्ली विश्वविद्यालय के परीक्षित सिरोही ने कृत्रिम बुद्धिमता द्वारा कॉपीराइट व डीप सर्च के विषय पर विचार व्यक्त किए। रूस की डाॅ. इना व नाजिया मेसेलोवा ने भी विद्यार्थियों को रसियन भाषा में कृत्रिम बुद्धिमता की उपयोगिता के संबंध में संबोधित किया।
कृत्रिम बुद्धिमता उद्योगों से जुड़े अमित चावला, सतनाम सिंह तथा सौरभ शेट्टी ने अन्य राज्यों में संचालित सफल माॅडल का डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग प्रक्रिया में एआई की उपयोगिता, जेनरेटिव एआई, सेमांटिक एआई तथा प्रकाशित लेख एवं हस्तलिखित लेखों के ओसीआर में शुद्धता के विषय में जानकारी दी।
डॉ. नितिन गोयल ने आगंतुकों का आभार जताया तथा बताया कि एआई के प्रयोग से भाषा को पुनर्जीवित करने में बीकानेर के ही विद्यार्थियों को कंपनियों द्वारा भाषा विशेषज्ञ के रूप में लगाया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कार्य शुद्धता में भी अभिवृद्धि होगी।
कॉन्फ्रेंस में डॉ. दिग्विजय सिंह, पूर्व महापौर नारायण चोपडा, विमल गहलोत, राजेन्द्र कुमार, राकेश शर्मा, डॉ. चन्द्रशेखर कच्छावा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। मंच संचालन गोपाल जोशी ने किया।









