Home » ब्रेकिंग न्यूज़ » राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी संघ ने रोडवेज निजीकरण के खिलाफ बीकानेर में फूंका आंदोलन का बिगुल

राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी संघ ने रोडवेज निजीकरण के खिलाफ बीकानेर में फूंका आंदोलन का बिगुल

अबतक इंडिया न्यूज 9 अप्रैल बीकानेर।  गुरुवार  को रोडवेज बस डीपो बीकानेर पर परिवहन फैडरेशन भारतीय मजदूर संघ की सभा का आयोजन किया गया।

सभा में  परिवहन फैडरेशन द्वारा राजस्थान रोडवेज प्रबंधन द्वारा राजस्थान रोडवेज में निजीकरण को बढ़ावा देने के विरुद्ध दिनांक 20 अप्रैल से रोडवेज मुख्यालय जयपुर पर किये जाने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए  जनजागरण हेतु प्रात:11.30 बजे केंद्रीय बस स्टैंड बीकानेर पर एक सभा/ बैठक का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय मिडिया प्रमुख महेंद्र प्रताप सिंह बारठ  ने कहा कि निगम प्रबंधन द्वारा निगम को निजीकरण की और धकेलने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रबंधन द्वारा राजस्थान रोडवेज की बसें क्रय ना कर लगातार निजी बसों को अनुबंध पर लिया जा रहा है।

बारठ  ने निगम प्रबंधन पर कर्मचारियों का शोषण करने के आरोप लगाते हुए बताया गया कि राजस्थान रोडवेज में वर्ष 2025 में 500 से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं लेकिन उनके स्थान पर एक भी कर्मचारी की भर्ती नहीं की गई। जिससे चालक परिचालकों का अत्यधिक शोषण हो रहा है। परिचालकों की कमी के कारण बीकानेर आगार में भी परिचालकों की इतनी कमी है कि प्रतिदिन 5 परिचालकों को भी अवकाश नहीं दिये जा पा रहे एवं परिचालकों को डबल, ट्रिपल रोटेशन ड्यूटी पर जाना पड़ रहा है जो शोषण की पराकाष्ठा है। राजस्थान रोडवेज में एजेंसी के माध्यम से लिए गए चालकों संबंधित एजेंसी द्वारा चालकों को निगम द्वारा पुरा मासिक वेतन लेकर अवैध रूप से उसमें से राशि काटकर भुगतान किया जा रहा है एवं समय पर पी एफ एंड ईएस आईसी का अंशदान संबंधित विभाग में जमा नहीं करवाकर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।  बारठ द्वारा सरकार से निगम को सशक्त कर राजस्थान की आम जनता को सस्ती सुलभ एवं सुरक्षित परिवहन सेवा उपलब्ध कराने हेतु 5000 सरकारी बसें देने एवं 13000 कर्मचारी भर्ती करने की पुरजोर मांग की गई एवं एजेंसी चालकों को शोषण से मुक्ति दिलाने हेतु उत्तर प्रदेश रोडवेज की तर्ज पर निगम द्वारा प्रति किलो मीटर के आधार पर सीधे चालक लेने की मांग की गई

सभा को सम्बोधित करते हुए फैडरेशन  आनन्द सिंह नयाल द्वारा कहा कि कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर परिवहन फैडरेशन ने सितंबर 24 में रोडवेज मुख्यालय जयपुर में एक प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया गया जिसके उपरांत  उप मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नैतृत्व में फैडरेशन एवं निगम प्रबंधन के साथ वार्ता कर मंत्री  द्वारा 14 सुत्रीय निर्देश पत्र जारी किया गया परंतु डेढ़ साल से अधिक समय व्यतीत होने के उपरान्त भी प्रबंधन द्वारा कोई पालना नहीं की गई।
नयाल द्वारा कहा गया कि राजस्थान रोडवेज में अनुकम्पा नियुक्ति विनियम के अंतर्गत फर्जी/अमान्य डिग्रियों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त सहायक यातायात निरीक्षकों के दस्तावेजों एवं नियुक्ति की एस ओ जी से जांच कराने की फैडरेशन द्वारा लगातार मांग की जा रही है परन्तु निगम प्रबंधन द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे प्रतित होता है कि प्रबंधन उनके विरुद्ध कार्यवाही करने कि मंशा नहीं रखती है।

सभा को सम्बोधित करते हुए भामस प्रदेश उपाध्यक्ष  गौरीशंकर व्यास द्वारा निगम प्रबंधन द्वारा निगम कर्मचारियों के शोषण के विरुद्ध श्रम कानूनों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए कार्मिकों को राहत दिलाने की बात कही।
सभा को सम्बोधित करते हुए परिवहन फैडरेशन सचिव  सुशील विश्नोई द्वारा स्थाई आदेशों से शासित कामगारों को 300 उपार्जित अवकाश देने एवं चाईल्ड केयर लीव देने की मांग की गई।

सभा में प्रदेश मंत्री  धर्मपाल नाथ द्वारा फैडरेशन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल से रोडवेज मुख्यालय जयपुर किये जा रहे आंदोलन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने हेतु कामगारों का आव्हान किया।
सभा में मंच संचालन  ओमप्रकाश सिद्ध संभाग सचिव द्वारा किया गया एवं अध्यक्षता  गजेन्द्रसिंह शाखा अध्यक्ष द्वारा की गई।सभा में खेमाराम कुमावत संभाग उपाध्यक्ष,कार्यालय मंत्री महेश राजपुरोहित, वरिष्ठ पदाधिकारी श्री सतीश  आचार्य, मोहनदान चारण,हेमंत  गुप्ता, भवानीशंकर पारीक,शिवसिंह ,अर्जुनसिंह,मालचंद भार्गव रामेश्वर चौधरी ,गंगाविशन संभाग उपाध्यक्ष ,रामनिवास पूनिया शाखा उपाध्यक्ष एवं सैंकड़ों कामगारों ने सहभागिता की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *