अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 1 अप्रैल । 2008 में देशनोक अस्पताल सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के रूप स्वीकृत हुई थी।कोलकाता नागरिक संघ देशनोक द्वारा नवीन अत्याधुनिक भवन का निर्माण करवाया गया था।नए चिकित्सा भवन का उद्घटान पश्चिमी राजस्थान के कद्दावर राजनेता देवीसिंह भाटी की मौजूदगी में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने किया था।
सीएचसी स्वीकृति के समय 8 चिकित्सक व 8 नर्सिंग स्टॉफ के पद स्वीकृत किए गए थे। 2015 में नर्सिंग स्टॉफ पद की कटौती कर 5 पद कर दिए गए।जबकि आउट डोर में निरंतर बढ़ती मरीजों की संख्या के लिहाज से पदों की संख्या में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए थी। आसपास के 15 से 20 गॉंवों के लिए देशनोक सीएचसी एक मात्र सुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र है। मरीजों की निरंतर बढ़ती संख्या के लिहाज से जहां पदों की संख्या में आवश्यक इजाफा होना चाहिए था वहां प्रतिनुयक्ति पर चिकित्सकों को अन्यत्र भेजा जा रहा हैं। देशनोक सीएचसी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कईबार उप-जिला अस्पताल की मांग हो चुकी हैं।
बढ़ते मरीज और प्रतिनुयक्ति का खेल
देशनोक जैसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं की देशनोक सीएचसी की आवश्यकताओं के विपरीत यहां लंबे समय से प्रतिनियुक्ति का खेल चल रहा हैं।चिकित्सक व नर्सिंग स्टॉफ की आवश्यक संख्या बढ़ाने के बदले यहां पदस्थापित तीन चिकित्सकों को अन्यत्र भेज दिया गया हैं।जानकारी के अनुसार देशनोक सीएचसी में पदस्थापित शिशुरोग विशेषज्ञ को बीकानेर मुक्ताप्रसाद,डॉ अरविंद वैद्य को पलाना व डॉ पूनम को गजनेर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया हैं।प्रतिनियुक्ति के इस खेल का खामियाजा देशनोक सहित बीस गॉंवों के मरीजों को भुगतना पड़ रहा हैं।










