अबतक इंडिया न्यूज 1 मार्च बहरोड़ । कदम्ब डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन के बैनर तले “कदम्ब की छाँव में जीवन ज्ञान” अभियान के अंतर्गत कदम्ब डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन, बहरोड़ द्वारा “कदम्ब के संग फाल्गुन के रंग” कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास, ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य केवल होली के रंगों का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि जीवन में प्रेम, संतुलन, सेवा, सहयोग और एकता के वास्तविक रंगों को जागृत करना रहा। संस्था की निदेशिका शिल्पा अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में फाल्गुन की आध्यात्मिक भावना से प्रेरित “अक्षर-अक्षर राम, जागे-जागे आत्मा धाम”, “जब संतुलन बना, तो शिखर मिला”, “राधा नाम की ऊर्जा”, “संकल्प से सेवा तक” और “रंगों में छिपा जीवन संदेश” जैसी सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि जब जीवन में नाम स्मरण से आत्मिक जागृति, संतुलन से स्थिरता और संकल्प से सेवा का भाव जुड़ता है, तब व्यक्ति न केवल अपने भीतर शांति और आत्मविश्वास प्राप्त करता है, बल्कि जीवन के शिखर तक पहुँचने की वास्तविक क्षमता भी विकसित करता है।

संस्था के अध्यक्ष कपूरी ने सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोगियों का सम्मान करते हुए कहा कि कदम्ब केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहाँ हर व्यक्ति का योगदान समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव बनता है, वहीं संस्था की सचिव इंदु जी ने फाल्गुन के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व नकारात्मकता को समाप्त कर प्रेम, विश्वास और नई ऊर्जा से जीवन को आलोकित करने का संदेश देता है। कोषाध्यक्ष निशा जी द्वारा कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन किया गया तथा गतिविधि प्रभारी अर्चना जी, गीता जी एवं विनीता जी ने सभी सहभागिता गतिविधियों को अत्यंत प्रेरणादायक और सुव्यवस्थित रूप से संचालित कर प्रतिभागियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं निर्मला, ऋतु, अभिलाषा, पिंकी, रीना, कपूरी, गीता, ललिता, यास्मीन एवं फरजाना को सम्मानित किया गया। अंत में संस्था के सचिव दिव्यम अग्रवाल ने बबीता, सरोज, तारा, मीनाक्षी, नीतू, भगवंती, कमलेश, उषा, रेखा, सरिता, मंजू, शिखा, खुशबू, सुशीला, शीला, हंसा, प्राची, सोनिया, शालू, सुदेश सहित सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी का सहयोग ही कदम्ब की वास्तविक शक्ति है और भविष्य में भी आप सभी सेवा, सहयोग और समाज निर्माण के इस अभियान में इसी समर्पण के साथ जुड़े रहेंगे। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जीवंत संदेश बनकर उभरा कि जब जीवन कदम्ब की छाँव में आता है, तब रंग केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि आत्मा पर भी खिल जाते हैं—“कदम्ब की छाँव में जीवन ज्ञान” यही हमारा संकल्प और यही हमारी पहचान है।









