Home » क्राइम » रवन्नों की आड़ में मिलीभगत से चल रहे खनिज घोटाला का ACB ने किया पर्दाफाश , अधिकारियों समेत 12 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज

रवन्नों की आड़ में मिलीभगत से चल रहे खनिज घोटाला का ACB ने किया पर्दाफाश , अधिकारियों समेत 12 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज

अबतक इंडिया न्यूज 13 जनवरी भरतपुर ।  बंद पड़ी खदानों के रवन्नों की आड़ लेकर अवैध खनन को वैध दिखाने का बड़ा खेल भरतपुर में उजागर हुआ है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की प्राथमिक जांच में खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों और रॉयल्टी ठेकेदारों की मिलीभगत से लाखों टन खनिज संपदा के अवैध दोहन और सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप प्रमाणित पाए गए हैं. इस पर एसीबी ने 12 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

भरतपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने बताया कि एसीबी को एक शिकायत प्राप्त हुई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि जिले में कई खदानें बंद होने के बावजूद उनके नाम से जारी रवन्नों का दुरुपयोग कर लगातार खनिज का परिवहन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर एसीबी द्वारा दस्तावेजों, खनन रिकॉर्ड, परिवहन विवरण तथा संबंधित अधिकारियों, क्रेशर मालिकों और ठेकेदारों की भूमिका की गहन जांच की गई. प्राथमिक जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य प्रमाणित पाया गया कि आरोपियों ने लाखों टन खनिज संपदा का अवैध खनन कर उसे कागजों में वैध दर्शाया, इससे राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंची है.

जांच में कई आरोपियों के नाम

 एएसपी अमित सिंह ने बताया कि एसीबी जांच में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें तत्कालीन खनिज अभियंता भरतपुर एवं वर्तमान में खनिज अभियंता कोटा पदस्थ रामनिवास मंगल, खनिज कार्यदेशक-द्वितीय वीरेन्द्र कुमार, तत्कालीन खनिज अभियंता राजेंद्र सिंह, तत्कालीन सर्वेयर संजू सिंह तथा तत्कालीन कार्यदेशक-प्रथम भीम सिंह शामिल हैं. इनके अलावा लीज मालिक अभिषेक तंवर, क्रेशर मालिक जेपी एण्ड ब्रॉस, पारस इन्फ्रा, सीडीएस इन्फ्रा, श्री बालाजी एंड कंपनी, शुभ लाभ स्टोन क्रेशर और रॉयल्टी ठेकेदार मैसर्स देव दशरथ व अन्य को भी आरोपी बनाया गया है.

पद का दुरुपयोग किया

एएसपी अमित सिंह ने बताया कि खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खनन माफिया को अवैध लाभ पहुंचाया गया. इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति भी उठानी पड़ी. अधिकारी, कर्मचारी समेत 12 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है. एसीबी दस्तावेजों की जांच, वित्तीय लेन-देन और खनिज परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है.

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