मौसम अबतक इंडिया न्यूज 10 नवंबर । मौसम विभाग के अनुसार, रविवार रात से ही उत्तरी हवाओं का असर बढ़ गया है, जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई. जयपुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि फतेहपुर (शीखावाटी) में यह 9.8 डिग्री तक लुढ़क गया.
चूरू, सीकर और पिलानी जैसे इलाकों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया. उदयपुर में सुबह की ओस और कोहरा देखने को मिला, वहीं जोधपुर और बीकानेर में रात का तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच रहा. अजमेर में भी ठिठुरन बढ़ गई है और लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राजस्थान में ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं. 10 नवंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में शीत लहर की स्थिति बन सकती है. इस दौरान न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री तक रह सकता है. पश्चिमी राजस्थान में भी अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है.
इस ठंड के असर से सुबह-शाम सड़कों पर लोगों की चहल-पहल कम हो गई है. बाजारों में गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है. स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेशन का ध्यान रखें और ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतें. किसान भी चिंतित हैं क्योंकि फसलों पर ओस और ठंड का असर पड़ सकता है. सरसों, चना और गेहूं की फसलें इस समय संवेदनशील चरण में हैं.
मौसम विभाग ने कहा है कि 11 नवंबर से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन ठंड का दौर अभी जारी रहेगा. दिसंबर के पहले सप्ताह तक पारा और नीचे जा सकता है. लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लगातार लेते रहें और जरूरत पड़ने पर घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें.
राजस्थान में सर्दी का यह आगाज हर साल की तरह जोरदार है और आने वाले दिनों में माउंट आबू, सीकर और चूरू जैसे इलाकों में पाला पड़ने की भी संभावना है. फिलहाल, राज्यभर में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और लोग गर्मी की याद में अलाव ताप रहे हैं.











