अबतक इंडिया न्यूज जयपुर 16 फरवरी । प्रदेश में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजेपी ने भी चुनावी तैयारियों को लेकर कमान संभाल ली है. मुख्यमंत्री आवास पर संगठन और सरकार के समन्वय से माइक्रो मैनेजमेंट की विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें बूथ स्तर तक फोकस रहेगा. सीएम आज और 18 फरवरी को प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वन टू वन संवाद कार्यक्रम करेंगे. मुख्यमंत्री निवास पर होने वाले इन संवाद कार्यक्रमों में राज्य बजट की घोषणाओं और उनकी जमीनी क्रियान्विति पर भी विस्तार से चर्चा होगी. संभागवार प्रमुख कार्यकर्ताओं को बुलाकर बजट के बिंदुवार प्रावधानों पर और उनको जनता के बीच ले जाने की रणनीति बनाई जाएगी.
बजट घोषणाओं के सहारे चुनाव पर फोकस
मुख्यमंत्री बजट को चुनावी रणनीति से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर मंथन होगा और कार्यकर्ताओं से सीधे सुझाव लिए जाएंगे. जिलों और संभाग स्तर पर तैयार की गई बजट की सरल पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा, ताकि कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचा सकें.
मदन राठौड़ समेत कई नेता रहेंगे मौजूद
इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार लखावत और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी मौजूद रहेंगे.
आज बीकानेर-जोधपुर के कार्यकर्ताओं से संवाद
सोमवार (16 फरवरी) को बीकानेर और जोधपुर संभाग के प्रमुख कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री संवाद करेंगे. इससे पहले पूरे प्रदेश में संभाग और जिला स्तर पर बजट को लेकर भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी हैं. अब संगठन के भीतर सीधे संवाद के जरिए चुनावी तैयारी को धार देने की रणनीति बनाई जा रही है.
साल 2028 के चुनाव पर भी फोकस
सूत्रों के अनुसार पंचायत और नगर निकायों के वार्डवार समीकरण, सामाजिक संरचना, पिछले चुनावों का आंकलन और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अलग-अलग प्लान तैयार किए जाएंगे. आईटी और डेटा आधारित चुनावी प्रबंधन को भी रणनीति में शामिल किया जा रहा है. पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जिलाध्यक्षों के साथ चरणबद्ध बैठकों का दौर चलेगा. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह पूरी कवायद 2028 के बड़े राजनीतिक लक्ष्य की पृष्ठभूमि भी तैयार कर रही है.









