अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 2 फरवरी । मां करणी की पावन धरा देशनोक में मां करणी की आराध्य आवड़ माता (श्री तेमड़ा राय) की आठ दिवसीय आवड़ इमरत कथा आयोजन के छठे दिन श्रोताओं की भारी भीड़ रही।कथा वाचक भंवरदान रतनू (घोड़ारण) ने आवड़ इमरत कथा राजस्थानी आम भाषा मे पद्य,दोहा,छंद व चिरजाओं के साथ मनमोहक अंदाज वाचन कर श्रोताओं का मन मोह लिया।इस आवड़ कथा के रचनाकार स्वयं भंवर दान हैं।इतिहास के तथ्यात्मक रिसर्च कर इस आवड़ इमरत कथा की मायड़ भाषा राजस्थानी में रचना की गई है।पहली बार इस कथा का वाचन देशनोक की पावन धरा पर स्वयं रचनाकार द्वारा ही किया जा रहा हैं।
कथा वाचक भंवर दान ने सोमवार को आवड़ इमरत कथा के कई रोचक प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।सोमवार के प्रसंग में आवड़ माता की ज्योर्तिलिंग व शक्तिपीठों की यात्रा का वृतांत सुनाया।साथ ही भाटियों का पुनः उदभाव, क्षत्रिय वराह का पराभव व हूंण वध का भी प्रसंग सुनाया।

कथा वाचक भंवर दान ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि 3 फरवरी मंगलवार कथा का अंतिम दिन हैं।कथा के अंतिम दिन तेमड़े हूंण व लोदबा धर्मसभा प्रसंग के साथ मोतीसरों का योगदान एवं रावल जाति का उद्भव से जुड़े प्रसंग विशेष होंगे।मंगलवार को कन्या पूजन किया जायेगा।









