अबतक इंडिया न्यूज कोलायत, 4 फरवरी । कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राज्यपाल के दृष्टिकोण और सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं, किसानों, युवाओं और पिछड़े व शोषित वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण पहल की हैं।
विधायक भाटी ने कहा कि जिन रक्षित एवं उपनिवेशन भूमि को हमारे पूर्वजों ने खून-पसीने से सींचा, उन्हें बीते सात-आठ वर्षों में बड़ी-बड़ी सोलर कंपनियों को आवंटित कर दिया गया, जबकि इन जमीनों पर पहला हक स्थानीय मूल निवासियों का होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों की बारानी एवं द्वितीय चरण की भूमि का आवंटन संबंधित क्षेत्र के मूल निवासियों को ही किया जाए, जिससे दृषि उत्पादन बढ़े और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों।
भाटी ने कहा कि 80-90 के दशक में भूमिहीन किसानों को 25 बीघा भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन आज मूल आवंटी के पोते के पास मात्र एक से डेढ़ बीघा भूमि ही शेष रह गई है, जो चिंता का विषय है।
विधायक भाटी ने पाक विस्थापितों की उपेक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि जिन विस्थापित परिवारों की पहली प्राथमिकता राजस्थान थी, वे वर्तमान हालात के कारण गुजरात एवं अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। सरकार को इस दिशा में विशेष नीति बनाकर ठोस कदम उठाने चाहिए।
भाटी ने कहा कि कोलायत एवं खाजूवाला क्षेत्र की कमांड भूमि पर सोलर संयंत्र स्थापित होने से अधिशेष पानी व्यर्थ बह रहा है, जबकि इस पानी का उपयोग आसपास के गांवों की भूमि को सिंचित करने में किया जाना चाहिए।
भाटी ने मांग की कि गजनेर लिफ्ट कैनाल के अधिशेष पानी से अंगनेऊ, खारी चारणान, गंगापुरा, सूरजड़ा, राणास सहित आसपास के गांवों की बारानी भूमि को सिंचाई सुविधा दी जाए। इसी प्रकार कोलायत लिफ्ट के अधिशेष पानी का उपयोग पाबूसर पश्चिम एवं कोलासर पश्चिम गांवों के लिए किए जाने से इन क्षेत्रों की दशा और दिशा बदल सकती है।
विधायक भाटी ने सदन में गजनेर रीको क्षेत्र में प्रस्तावित सिरेमिक पार्क के लिए तत्काल गैस पाइप लाइन व्यवस्था करने की मांग भी रखी, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिल सके।
भाटी ने कहा कि कोलायत क्षेत्र के देशनोक माताजी मंदिर, सियाणा भैरव मंदिर, कोडमदेसर मंदिर, कपिल मुनि धाम, भभूता सिद्ध मंदिर, नखत बना मंदिर तथा पश्चिमी राजस्थान के मुकाम, रामदेवरा, भादरिया जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की मांग सरकार से की।
किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए विधायक भाटी ने कहा कि कोलायत, पोकरण, फलोदी, बांगड़सर एवं गजनेर लिफ्ट परियोजनाओं के किसानों पर विद्युत विभाग द्वारा टैरिफ कोड 4400 लागू किया गया है, जिसके कारण 6-7 घंटे की बिजली खपत पर किसानों को लगभग ₹72,000 वार्षिक भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने इसे अत्यधिक बोझ बताते हुए टैरिफ कोड 4400 के स्थान पर 4000 लागू करने की मांग उठाई।
अंत में विधायक भाटी ने कहा कि एक उम्मीद जताई थी कि सदन अपना अमूल्य समय राजस्थान की 8 करोड़ जनता के उत्थान के लिए उपयोग में लेगा, परंतु हमारी अन्तरात्मा, हमारी चेतना को सब पता है। लगातार दो वर्षों से सदन के बीच में बैठने का मौका मिला। हर एक की बात मैंने सुनी। आज भी हम एक आरोप-प्रत्यारोप के दौर से लगातार गुजरते आ रहे हैं और क्रेडिट लेने की होड़ हमने आज तारीख तक नहीं छोड़ी। इस दुष्चक्र में हम कहीं ना कहीं राजस्थान की जनता को ठग रहे हैं। शिलान्यास और उद्घाटन के लिए हम दिन-रात एक होकर लगे हुए हैं, परंतु मुझको बड़ा दुख होता है और बड़ा कुठाराघात-सा महसूस होता है, जब बड़े-बड़े सीनियर सदस्य भी इस सदन के अंदर यह बात कहते हैं कि साहब फीता कौन काटेगा, एमएलए काटेगा या कोई और काटेगा। यह जो अमूल्य समय है, हमारी दलगत राजनीति के लिए नहीं है। हमें इससे ऊपर उठकर कार्रवाई करनी चाहिए। स्वस्थ लोकतंत्र में आलोचना होनी भी चाहिए, परंतु पाॅजिटिव और कंस्ट्रेक्टिव क्रिटिसिज्म की ही इस सदन में जगह होनी चाहिए।








