अबतक इंडिया न्यूज 13 फरवरी । अपने एक्शन को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के अचानक सालासर कस्बे की एसबीआई बैंक पंहूचने से हडक़ंप मच गया. कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा द्वारा बैंक में छापा मार कर फसल बीमा घोटाले का खुलासा किया गया है. काबिना मंत्री किरोड़ी मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रदेश के बिना जमीन वाले 15 हजार फर्जी किसानों का बीमा प्रीमियम काट लिया गया है.
इस बीमे पर कुल 1150 करोड़ रूपए का क्लेम उठाने की तैयारी थी. किरोड़ी मीणा ने कहा कि इस बैंक शाखा में भी कुल 71 ऐसे भूमिहीन किसानों के मामले हैं. मामले को लेकर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी तथा सीएम से सीबीआई या एसीबी से मामले की जांच करवाने की मांग की जायेगी. प्रकरण की जांच होने पर ही सामने आएगा कि इस घोटाले में कौन कौन शामिल है?
इस मामले में मंत्री किरोड़ी मीणा ने बैंक मैनेजर से फसल बीमा से संबंधित दस्तावेज मांगे, जो मैनेजर नहीं दे पाया और उसने इसके लिए समय मांगा. जिस पर मंत्री किरोड़ी मीणा ने कहा-जब तक दस्तावेज नहीं दोगे, तब तक मैं यहां से नहीं जाउंगा. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जमाबंदी की प्रतियां दिखाते हुए कहा कि बताया-सालासर ब्रांच में 71 ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनका फसल बीमा प्रीमियम काटा गया है, जबकि वे वास्तव में किसान नहीं हैं तथा जिनका प्रीमियम कटा है, उनकी जमीनें बीकानेर जिले की गजनेर तहसील में बताई गई है.
जबकि वास्तव में इन किसानों की वहां पर कोई जमीन नहीं है, जिसके संबंध में वहां के तहसीलदार से रिपोर्ट ली गई है. इस सब में खास बात यह है? कि किसान और उसके पिता का नाम एक ही है? तथा इन व्यक्तियों के पास न तो कोई जमाबंदी है? और न ही कोई खसरा नंबर दर्ज है. सालासर ब्रांच में इन 71 किसानों को 12-12 लाख रुपए, यानी कुल 9 करोड़ रुपए मिलने थे, जिसकी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी. ब्रांच मैनेजर उमेश कुमार सारस्वत ने मंत्री से कहा कि मेरे पास अभी डॉक्यूमेंट नहीं है. एक दो दिन का समय चाहिए. ई-मेल या हार्ड कॉपी आपके ऑफिस में भेज देंगे. इस पर मीणा ने कहा आपके पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है, दोगे कहां से.









