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140 करोड़ रुपये की लागत से जैसलमेर रेलवे स्टेशन का हुआ कायाकल्प ,थार में बिखेर रहा स्वर्णिम आभा

अबतक इंडिया न्यूज 14 फरवरी जोधपुर । मरुस्थलीय प्रदेश की पहचान और स्वर्ण नगरी के नाम से विख्यात जैसलमेर में स्थित जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब केवल एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि विरासत,आधुनिकता और सुरक्षा का प्रतीक बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है जिससे इसे एक भव्य,आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वरूप प्राप्त हुआ है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जैसलमेर रेलवे स्टेशन का नया भवन जी प्लस टू संरचना में लगभग 8327 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनकर तैयार है तथा जल्द ही इसे भव्य समारोहपूर्वक राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जैसलमेर स्टेशन भवन के निर्माण में जैसलमेर के प्रसिद्ध सुनहरे पीले पत्थर का उपयोग किया गया है जो न केवल इसकी मजबूती को दर्शाता है बल्कि पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य कला की आत्मा को भी जीवंत करता है। यही कारण है कि स्टेशन का संपूर्ण बाह्य स्वरूप एक विशिष्ट हेरिटेज लुक प्रदान करता है, जो स्वर्ण नगरी की पहचान से पूरी तरह मेल खाता है।

डीआरएम ने जानकारी दी कि जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की वाशिंग व रखरखाव की दृष्टि से नई सिक लाइन-पिट लाइन व व्हील लैथ का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिसे आगामी तीन माह में पूरा करने का प्रयास है जिसके उपरांत यहां ट्रेनों की आवाजाही में वृद्धि होगी।

इस संबंध में जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि स्टेशन पर एक विशाल एयर कॉन्कोर्स एरिया विकसित किया गया है जिसका उपयोग वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भी किया जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी,बल्कि रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी।


बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा पर्यटन
नए स्वरूप में विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब जोधपुर,जयपुर और दिल्ली जैसे प्रमुख महानगरों से बेहतर रेल संपर्क प्रदान कर रहा है। यह स्टेशन सोनार किला,ऐतिहासिक हवेलियां,गड़ीसर झील और अन्य विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के अत्यंत निकट स्थित होने के कारण एक महत्वपूर्ण पर्यटन प्रवेश द्वार अर्थात टूरिस्ट गेट-वे के रूप में कार्य करेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक,सुरक्षित और सुखद यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

यात्री सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार
यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। 10 अत्याधुनिक लिफ्ट और 10 एस्केलेटर स्थापित किए गए हैं, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और भारी सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। प्लेटफॉर्मों के बीच आसान आवाजाही के लिए 6 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज बनाए गए हैं।

विरासत,आधुनिकता,पर्यटन और राष्ट्रीय सुरक्षा का बेजोड़ संगम बना स्टेशन
-दस लिफ्ट और दस स्वचालित सीढ़ियों से सभी को मिली सुविधा
-जैसलमेर के स्थानीय बलुआ पत्थर से चमक उठी स्टेशन इमारत
-नई सिक लाइन-पिट लाइन का निर्माण तीन माह में होगा पूरा
-रखरखाव की सुविधा के पश्चात प्रारंभ होगी लंबी दूरी की ट्रेनें

स्थानीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

स्टेशन के इस व्यापक आधुनिकीकरण से स्थानीय पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। होटल उद्योग,हस्तशिल्प,परिवहन सेवाएं और स्थानीय बाजारों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी से क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

‘कुल मिलाकर जैसलमेर रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प न केवल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा,बल्कि स्वर्ण नगरी की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटन,व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह स्टेशन अब आने वाले वर्षों में राजस्थान के विकास और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का एक सशक्त प्रतीक बनकर सामने आएगा।
– अनुराग त्रिपाठी,
डीआरएम,जोधपुर मंडल

राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण
सीमावर्ती जिले में स्थित होने के कारण जैसलमेर रेलवे स्टेशन का रणनीतिक महत्व अत्यधिक है। स्टेशन के उन्नयन से सीमा सुरक्षा बल एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य एवं सुरक्षा अभियानों के संचालन में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। आधुनिक ढांचे के कारण संसाधनों की त्वरित आवाजाही और बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा।

219 सीसीटीवी कैमरों से चाक-चौबंद सुरक्षा
यात्रियों और स्टेशन परिसर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे स्टेशन क्षेत्र एवं भवन में कुल 219 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। यह अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी। इन कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल के पास होगी, जिससे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो गई है।

‘कुल मिलाकर जैसलमेर रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प न केवल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा,बल्कि स्वर्ण नगरी की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटन,व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह स्टेशन अब आने वाले वर्षों में राजस्थान के विकास और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का एक सशक्त प्रतीक बनकर सामने आएगा।
– अनुराग त्रिपाठी,
डीआरएम,जोधपुर मंडल

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