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ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए, बेटी-दामाद और नाती भी अमेरिकी हमले में मरे, 40 दिनों के शोक का ऐलान

अबतक इंडिया न्यूज 1 मार्च तेहरान।  अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट से सबसे बड़ी खबर सामने आई है. ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि की है. प्रेस टीवी ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशन के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका-इजरायल हमले में शहीद हो गए हैं. इसके अलावा ईरानी मीडिया पर एक महिला एंकर ने रोते-रोते खामनेई के मौत का ऐलान किया. ईरान ने सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद 40 दिनों के शोक का ऐलान कर दिया है. वहीं 7 दिनों की सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है. रिपोर्ट के मुताबिक हमले के वक्त वह अपने घर के दफ्तर में थे. वहीं इस बात की पहले ही पुष्टि हो चुकी थी कि उनकी बेटी-दामाद, नाती और ईरानी रक्षा मंत्री मारे जा चुके हैं.

कई घंटों तक खामेनेई की हालत को लेकर अलग-अलग खबरें आती रहीं. इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई के मौत की पुष्टि की थी. लेकिन कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी. ईरानी अधिकारियों ने भी कुछ साफ नहीं कहा था. लेकिन अब ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने साफ तौर पर उनके मारे जाने की पुष्टि कर दी है और इसे शहादत बताया. प्रेस टीवी ईरानी सरकार की ओर से फंड किया जाता है और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) का एक प्रभाग है. इराक के प्रमुख शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल सद्र ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर पर शोक जताया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इराक में तीन दिन के सार्वजनिक मातम का ऐलान किया है.

खामेनेई को कैसे बनाया गया निशाना?

शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर बड़े हमले किए. तेहरान में खामेनेई के दफ्तर और उनके रिहायशी परिसर के आसपास भी बम गिराए गए. इजरायली मीडिया में बताया गया था कि खामेनेई के कंपाउंड पर कई बम गिराए गए. करीब 30 बम यहां गिराए जाने की बात कही गई. पहले बताया जा रहा था कि हमले से पहले वह एक सुरक्षित स्थान पर ले जाए जा चुके हैं. लेकिन उनके मौत की पुष्टि ने दिखा दिया है कि वह अपने घर में ही थी. सैटेलाइट तस्वीरों में उनके परिसर को नुकसान दिखा था.

खामेनेई की मौत पर ट्रंप ने क्या कहा?

हमले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘खामेनेई इतिहास के सबसे खतरनाक लोगों में से एक था. उसकी मौत ईरान के लोगों के लिए न्याय है. अब ईरानी जनता के पास देश वापस लेने का मौका है. ट्रंप ने ईरान की जनता से कहा कि घर में रहें, बाहर बम गिरेंगे और जब ऑपरेशन खत्म हो जाए तो अपनी सरकार खुद संभाल लें. इस बयान से साफ है कि अमेरिका सिर्फ हमला नहीं, बल्कि सत्ता बदलने की बात कर रहा है.

36 साल का शासन खत्म?

ली खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे. उन्होंने अयातुल्ला खोमैनी के बाद सत्ता संभाली थी. उनके शासन के दौरान अमेरिका से टकराव, परमाणु विवाद, अमेरिकी प्रतिबंध, विरोध प्रदर्शन, हमास और हिज्बुल्लाह को समर्थन जैसी घटनाएं लगातार होती रहीं. यह ईरान के लिए 1979 की क्रांति के बाद सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.

 

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