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खबर का असर : पीएम आवास योजना अवैध भुगतान प्रकरण, अबतक इंडिया न्यूज की खबर का रुडसिको ने लिया संज्ञान, तलब की गई जांच रिपार्ट में मंडल अध्यक्ष पंचारिया को माना दोषी

अबतक इंडिया न्यूज 7 जनवरी देशनोक । देशनोक नगरपालिका में बीते दिसंबर माह में प्रधानमंत्री आवास योजना में उजागर हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सामने आई है।रिपोर्ट में घोटाले में संलिप्त देशनोक भाजपा मंडल अध्यक्ष व लाभार्थी की मिलीभगत होना माना हैंअबतक इंडिया न्यूज ने इस खबर को प्रमुखता से तथ्यों के साथ पब्लिश किया था।17 दिसंबर को तथ्यात्मक प्रकाशित हुई खबर का प्रधानमंत्री परियोजना निदेशक (आवासन) रुडसिको जयपुर ने दो दिन बाद ही 19 दिसंबर को संज्ञान लेते हुए देशनोक पालिका प्रशासन से इस प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की।

पालिका की विभागीय जांच रिपोर्ट

रुडसिको के निर्देश पर ( पत्रांक/रुडसिको/पीडी/(हा)/जयपुर/2025-26/राजकाज/दिनांक 19.12.2025) देशनोक पालिका की गठित दो सदस्य जांच समिति ने इस घोटाले की जांच कर 24 दिसंबर 2025 को रिपार्ट रुडसिको को प्रेषित की।रिपोर्ट में पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थी का भुगतान भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन पंचारिया के खाते ( खाता संख्या 61104341949) में होना पाया गया।मामला उजागर होने के बावजूद भी लाभार्थी द्वारा कोई ‘शिकायत नही करना’ को जांच रिपोर्ट में दोनों की ‘मिलीभगत’ माना हैं।

पीएम आवास योजना में सामने आया बड़ा गड़बड़झाला, देशनोक भाजपा मंडल अध्यक्ष पर लाभार्थी का भुगतान अपने बैंक खाते में डलवाने का गंभीर आरोप, प्रदेश भाजपा मुख्यालय व पीएमओ में हुई तथ्यों के साथ शिकायत, पार्टी से निष्कासन व कानूनी कार्यवाही की मांग

देशनोक भाजपा मंडल अध्यक्ष पंचारिया के नाम रिकवरी नोटिस

विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद मामले में लिप्त देशनोक भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन कुमार पंचारिया जो पार्षद भी है को देशनोक पालिका प्रशासन द्वारा रिकवरी नोटिस जारी किया गया।नोटिस में पांच दिनों के भीतर अवैध तरीके से पीएम आवास योजना की हड़पी गई राशि एक लाख 20 हजार पालिका कार्यालय में जमा करवाने के लिए निर्देशित किया गया।निर्धारित समय मे राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। नोटिस में निर्धारित समय सीमा पार हो चुकी है, लेकिन अवैध रूप से हड़पी गई राशि जमा नहीं करवाई गई हैं। ऐसे में अब घोटाले में लिप्त पवन कुमार पंचारिया के खिलाफ विभागीय स्तर पर कानूनी कार्यवाही की राह का विकल्प खुल गया हैं।

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