अबतक इंडिया न्यूज पटना 17 नवंबर । बिहार में नई सरकार के गठबंधन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सोमवार को बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को विधानसभा भंग करने के लिए पत्र सौंप दिया. अब 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम किया जाएगा, जिसके लिए तैयारी तेज हो चुकी है. वहीं इसी के साथ बिहार में नए मंत्रिमंडल का भी गठन कर दिया जाएगा. इस बीच चर्चा यह है कि बिहार मंत्रिमंडल में किसको-किसको जगह मिलेगी? ऐसे में जेडीयू कोटे से से किन चेहरों को मौका मिलेगा, यह भी सवाल है?
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल में जेडीयू कोटा से लगभग सभी पुराने चेहरों को ही मौका देंगे. हालांकि इस बार उनके मंत्रिमंडल में जेडीयू कोटे से कुछ नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार ने जिस तरह से जेडीयू उम्मीदवारों के चयन में सोशल इंजीनियरिंग का बखूबी इस्तेमाल किया था. उसी तरह नीतीश कुमार कैबिनेट गठन में भी जातीय समीकरण को साधते हुए नजर आएंगे.
JDU कोटे से बन सकते हैं इतने मंत्री
दरअसल, नीतीश कुमार सामाजिक समीकरण के लिए जाने जाते हैं. इसकी तस्वीर 2025 में जेडीयू उम्मीदवार की लिस्ट देखने को मिली. बिहार चुनाव 2025 में नीतीश कुमार ने तमाम जातीय समीकरण को साध लिया था. अब कुछ ऐसा ही समीकरण अपने मंत्रिमंडल में भी दिखा सकते है जो बेहद दिलचस्प होगा. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से इस बार 85 विधायक जीत कर आए हैं. ऐसे में जेडीयू कोटा से 13 या 14 विधायक मंत्री बन सकते हैं. नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में जो जातीय समीकरण हो सकता है वो कुछ इस तरह से है-
| जाति वर्ग | अनुमानित मंत्री संख्या |
|---|---|
| अति पिछड़ा (EBC) | 3 (1 धानुक) |
| कुर्मी | 2 |
| कुशवाहा | 2 |
| यादव | 1 |
| मुस्लिम | 1 |
| राजपूत | 1 |
| भूमिहार | 1 |
| दलित | 3 |
नई कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं 2 से 3 नए चेहरे
जाहिर है कि नीतीश कुमार के इस मंत्रिमंडल में तमाम जातीय समीकरण को साधा गया है. इस जातीय समीकरण के लिहाज से दो महिलाओं को जगह मिल सकती है. वहीं नीतीश कुमार अधिकांश पुराने चेहरे पर दाव लगा सकते हैं, जबकि 2 से 3 नए चेहरे को भी मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं जिसमे कुशवाहा और अति पिछड़ा जाति से हो सकता है.
JDU से इन चेहरों को मिल सकता है मौका
बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बीच संभावित मंत्रियों की सूची सामने आ गई है. जेडीयू कोटे से विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार फिर से मंत्री बन सकते हैं. वहीं इसके अलावा 2 से 3 नए चेहरों को मौका मिल सकता है.
जेडीयू उम्मीदवारों की लिस्ट में सोशल इंजीनियरिंग
- पिछड़ा वर्ग (OBC) से 37 उम्मीदवार
- अति पिछड़ा वर्ग (EBC) से 22 उम्मीदवार
- सवर्ण समाज से 22 उम्मीदवार
- अनुसूचित जाति (SC) से 15 उम्मीदवार
- अनुसूचित जनजाति (ST) से 2 उम्मीदवार शामिल हैं.
- इसके साथ ही जेडीयू ने 13 महिलाओं को भी टिकट देकर महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया था. नीतीश कुमार ने पहली लिस्ट में ‘लव-कुश समीकरण’ और दूसरी में ‘पिछड़ा-समाज पर फोकस’ किया था.
नीतीश की सोशल इंजीनियरिंग का इतिहास
नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी ताकत रही है उनकी सोशल इंजीनियरिंग. जब 2005 में उन्होंने पहली बार बिहार की सत्ता संभाली, तब से उन्होंने “विकास और सामाजिक न्याय” के संतुलन पर काम किया. इन सभी योजनाओं ने नीतीश कुमार को सिर्फ विकास पुरुष नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन साधने वाले नेता के रूप में स्थापित किया.
- सात निश्चय योजना
- मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना
- आरक्षण में बढ़ोतरी
- महिलाओं को 35 प्रतिशत नौकरी आरक्षण
- अति पिछड़ा आयोग का गठन









