अबतक इंडिया न्यूज 6 नवंबर । अंता उपचुनाव का मैदान अब पूरी तरह सज चुका है। मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे चुनावी तापमान भी उबाल पर पहुंचने लगा है। कांग्रेस और भाजपा के बड़े-बड़े चेहरे दंगल में उतर चुके हैं और राजनीतिक दांव-पेंच तेज हो गए हैं। कांग्रेस की ओर से गोविंद सिंह डोटासरा ने जाट कार्ड चलकर मुकाबले को धार दी है। यह चुनौती भाजपा से ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के लिए मानी जा रही है। उधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का क्षेत्र में दौरा तो औपचारिक रहा, लेकिन पिछले दो दिनों में वसुंधरा राजे की एंट्री ने कमल खेमे में नई ऊर्जा भर दी है।
कांग्रेस- बीजेपी की स्थिति को भी समझिए
भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन का प्रचार भले सतह पर ठंडा दिख रहा हो, पर भीतर की रणनीति गहरी बताई जा रही है। हालांकि भाजपा में अंदरूनी मतभेद की फुसफुसाहट भी खुले में सुनाई देने लगी है। कांग्रेस के प्रमोद जैन ‘भाया’ धनबल और अनुभव के सहारे अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। इधर, भाजपा कल अंता में वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संयुक्त रैली कर चुनावी गणित को अपनी तरफ मोड़ने की कोशिश करेगी।
हनुमान बेनीवाल की एंट्री से कैसा होगा सिसायी मैदान ?
इस बीच, निर्दलीय नरेश मीणा के मैदान में उतरने से सर्दी के मौसम में भी सियासी गर्मी चरम पर है। नरेश एग्रेसिव मूड में हैं और विधानसभा तक पहुंचने की जिद के साथ बड़ी ताकत की तलाश में हैं। ऐसे में उनके लिए संकटमोचक सिर्फ हनुमान बेनीवाल ही नजर आते हैं। जानकारी है कि बेनीवाल 8 नवंबर को अंता पहुंचकर नरेश के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इस रैली के सहारे बेनीवाल कई पुराने हिसाब भी राजनीतिक तौर पर बराबर करना चाहेंगे।











