अबतक इंडिया न्यूज 22 अक्टूबर । बेटे की संदिग्ध हालात में मौत के बाद वायरल वीडियो से विवादों में घिरे हरियाणा के पूर्व डीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत कर अपना पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने अपने ही मरे हुए बेटे पर कई गंभीर आरोप लगाए. पूर्व डीजीपी ने आरोप लगाया कि उनका बेटा पिछले 18 साल से ड्रग्स का सेवन कर रहा था. जिसके चलते वह कई बार अपनी पत्नी से भी मारपीट कर चुका था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि बेटे ने ड्रग्स सेवन के बाद ही वीडियो बनाया था.
जिस वीडियो को लेकर बवाल मचा हुआ है. बता दें कि पूर्व डीजीपी के बेटे अकील ने अपने आखिरी वीडियो में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का संबंध उसके पिता से है. साथ ही परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए थे. इसी वीडियो के आधार पर बीते मंगलवार को पूर्व डीजीपी, उनकी पत्नी, उनकी बहू के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
#Breaking – The last video before death says a lot.
There has been a new twist in the suspicious death case of Aqeel Akhtar, son of former Punjab Director General of Police (DGP) Mohammad Mustafa and former Punjab minister Razia Sultana.#Haryana #DGP #Mustafa #Raziasultana pic.twitter.com/OiQlX1iwmK— Mukund Shahi (@Mukundshahi73) October 21, 2025
मंगलवार को पूर्व डीजीपी मुस्तफा चौधरी ने सहारनपुर में अपने गांव हरडाखेड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनका बेटा करीब 18 साल से ड्रग्स लेता था. इसके कारण उसकी साइको जैसी स्थिति हो गई थी. वह कई बार अपनी पत्नी से भी मारपीट करता था. इसी के चलते सुनने में आया कि उसने इस तरह की वीडियो बनाई थी. पूर्व डीजीपी ने यह भी कहा कि इसी वजह से उन्होंने बेटे की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है. जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर सच्चाई सबके सामने होगी. बता दें कि पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना और पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील की मौत हाल ही में हुई थी.
मुस्तफा ने बताया कि अकील ने 27 अगस्त को एक वीडियो बनाकर परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे और 8 अक्टूबर को माफी भी मांगी. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पूर्व DGP का आरोप है कि अब कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं. पूर्व DGP ने यह भी बताया कि अकील का हिंसक बर्ताव नया नहीं था. साल 2008 में उसने अपनी मां को भी चोट पहुंचाई थी. लेकिन परिवार ने बदनामी के डर से उस वक्त मामला दबा दिया. इसके अलावा पूर्व डीजीपी ने बताया कि मेरा बेटा मानसिक रूप से बीमार था. उसने कई बार ऐसी बातें कहीं, जो कोई भी पिता सुन ही नहीं सकता. उसने वीडियो बनाकर हमारे परिवार की औरतों पर गलत आरोप लगाए. लेकिन असल में वो खुद नहीं समझ पा रहा था कि वो क्या कर रहा है.











