अबतक इंडिया न्यूज 16 फरवरी । लक्ष्मीनारायण शर्मा । नगरपालिका देशनोक के निवृतमान माननीय पार्षद पूरे सत्ताकाल में सत्ता के मद में चूर रहे हैं।गणतंत्र के “गण” से नाता तोड़ सत्ता की मलाई का लुफ्त उठाने में मशगूल रहे माननीयों को अब निवृत होते ही “गण” की चिंता सताने लगी हैं। अब जनसमस्याओं का अंबार नजर आने लगा हैं। सोशल मीडिया के सहारे “जनबंधु” की छवि गढ़ने में जुटे हैं।क्योंकि चुनाव आ रहे हैं…।खैर ,पब्लिक सब जानती हैं।
अब निजहित के बदले जनहित की चिंता
निजहित में नीति,धर्म,जिम्मेदारी,पार्टी,कर्तव्य ईमान आदि सबको जमीदोंज कर सत्ता की मलाई का चटकारे लेकर लुफ्त लेने की समय सीमा समाप्त होते ही अब माननीयों को “जनहित” व “जनसमस्याएं” नजर आने लगी हैं।स्वयं के “रिपोर्ट कार्ड” के विश्लेषण से दिन में तारे नजर आने लगे हैं।फौरी तौर पर राहत के लिए अब पालिका के दैनिक रूटीन कार्यों का स्वयं के स्तर पर श्रेय लेने की बेमानी दौड़ की स्वयंभू घोषित प्रतिस्पर्धा में रेस के घोड़े बन गए हैं।वाह ! री राजनीति !
धरातल से परे सोशल मीडिया का आसरा
सत्ता से निवृतमान माननीय अब पिछले पांच साल की अपनी नकारा व निठल्ली छवि को विस्मृत करने के लिए सोशल मीडिया पर अचानक खूब सक्रियता दिखा रहे हैं।अब उन्हें देशनोक की जन समस्याएं भी नजर आने लगी हैं।हद की पराकाष्ठा का आलम यह हैं कि प्रशासनिक व सरकार स्तर पर होने वाले नियमित कार्यों का श्रेय लेने की होड़ मची हैं।अपने चंद राजनीतिक शिष्यों के सहारे स्वयंभू रचित पटकथा का छद्म विस्तार में जुटे हैं।लेकिन देशनोक की जनता ने पिछले पांच वर्षों में इन माननीयों की जो करतूतें साक्षात अपने नयनों से देखी हैं उसे भुलाना असंभव ही नहीं नामुमकिन हैं।









