अबतक इंडिया न्यूज 25 फरवरी देशनोक । देशनोक पालिका के तत्कालीन पलिकाध्यक्ष मुंधड़ा ने अपने कार्यकाल में सत्ता मद में चूर हो कर मनमर्जी व भ्रष्टाचार के नए -नए आयाम स्थापित किए थे । तत्कालीन कांग्रेस की सत्ता के करण इनके खिलाफ हुई तमाम शिकायतें ठंडे बस्ते में डाल दी गई । लेकिन अब मुंधड़ा की तमाम अनियमिताएं व भ्रष्टाचार उनके लिए बड़ी मुश्किलें पैदा कर सकते हैं । इसकी एक बानगी आज बुधवार को राजस्थान विधानसभा में दिखी ।
कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने विधानसभा में नगरीय विकास, आवासन और स्वायत्त शासन विभाग की मांगों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि देशनोक नगरपालिका में वर्ष 2021 में तत्कालीन अध्यक्ष ने पद का दुरूपयोग करते हुए जारी पट्टों को निरस्त करते हुए दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से कार्यवाही करने की मांग की ।विधायक भाटी ने कहा कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के अंदर यह स्पष्ट उल्लेखित है कि पद पर रहते हुए कोई भी सदस्य या कर्मचारी खुद के किसी भी रिश्तेदार या खुद के नाम से कोई भी तरह के खुद के हस्ताक्षर से पट्टा जारी नहीं कर सकता। अगर पट्टा जारी करना हो तो उसको खुद के चार्ज देकर पट्टा कटवा सकते हैं। परंतु नगरपालिका देशनोक के अंदर उस टाइम के तत्कालीन अध्यक्ष ने वर्ष 2021 में बारह पट्टे काटे, जो पद का दुरुपयोग करते हुए खुद के नाम से और खुद के रिश्तेदारों के नाम पर काटे गये है जिसपर गंभीर कार्यवाही करते हुए एसीबी से जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।









