अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 16 फरवरी । जिला कांग्रेस कमेटी देहात व शहर के तत्वावधान में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने नर्सिंग अधिकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पन्नाधाय प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पीबीएम अस्पताल में 210 नर्सिंग अधिकारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं व भ्रष्टाचार सामने आया हैं। भर्ती प्रक्रिया में प्रत्येक उम्मीदवार से एक से ढाई लाख रुपये तक की कथित अवैध वसूली किए जाने के आरोप हैं। इस संबंध में बीकानेर पश्चिम विधायक द्वारा भी सार्वजनिक मंच से कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की समयबद्ध और स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इस पर जिला कलेक्टर ने कहा कि पीबीएम नर्सिंग संविदा भर्ती भ्रष्टाचार मेरे संज्ञान में नहीं हैं, जबकि भाजपा विधायक जिस उद्घाटन समारोह में मंच पर भ्रष्टाचार के विषय में बोल रहे थे, उसी कार्यक्रम में जिला कलेक्टर स्वयं मौजूद थी। जिला कलेक्टर के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने जिला कलेक्टर चैम्बर के बाहर धरना दिया।

इसी दौरान दोनों अध्यक्षों ने सम्भागीय आयुक्त से वार्ता की तो उन्होंने सम्भागीय आयुक्त कार्यालय में आने के लिए कहा। सम्भागीय आयुक्त ने उपस्थित कांग्रेसजनों के सामने ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को संविदाकर्मी भर्ती से सम्बंधित समस्त फाइलें सम्भागीय आयुक्त कार्यालय में तलब की तथा जांच होने तक संविदा नर्सिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश दिये। जांच कमेटी में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त जसवंत सिंह, जिला कोषाधिकारी धीरज जोशी, संभागीय आयुक्त कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी-प्रथम राजकुमार को जांच कमेटी में शामिल किया गया हैं।
इस अवसर पर देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए। गरीब और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









