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मनरेगा योजना का नाम बदलने के खिलाफ बीकानेर कांग्रेस का हल्ला बोल, डीएम को ज्ञापन सौंपकर रखी ये मांगे

अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 22 दिसंबर।  मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) को कमजोर करने, महात्मा गांधी के नाम को हटाने तथा रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की साज़िश के विरोध में आज बीकानेर शहर और देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर तथा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार गांधी पार्क से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च कर विरोध दर्ज करवाया, उसके बाद कांग्रेस के शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित माँगें रखी:- मनरेगा योजना को पूर्ण रूप से सुदृढ़ किया जाए तथा इसके बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए, मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने की किसी भी कोशिश को तत्काल रोका जाए, ग्रामीण मजदूरों को रोजगार का कानूनी अधिकार पूर्ववत सुरक्षित रखा जाए, मजदूरों को समय पर पूर्ण मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

बीकानेर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने और नई योजना के नाम पर आगामी दिनों में इस योजना को बंद करने का जो कुत्सित मंसूबा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने अपनाया है उसको किसी भी हाल में सफ़ल नहीं होने देंगे भाजपा हमेशा जनविरोधी निर्णय करती रही है और बार गरीबों के हितों पर चाबुक चलाने का कार्य किया है जिसका बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी हर संभव विरोध दर्ज करते हुए इसको रोकने का प्रयास करेगी इसके लिए कांग्रेस को सड़को पर जनांदोलन करना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे

बीकानेर देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि नई वीबी जी राम जी योजना में मजदूरी का अनुपात बदलकर केंद्र का 60 प्रतिशत और राज्य का 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही केंद्र में शक्तियों के केंद्रीकरण के कारण गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव की आशंका भी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ही गांव गरीब और किसान विरोधी योजनाओं को लाने का प्रयास करती रही है, लेकिन कांग्रेस ने हर समय इन गलत नीतियों का जोरदार विरोध दर्ज करवाते हुए घुटने टेकने पर मजबूर किया हैं। किसान विरोधी काले कानून इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है सियाग ने कहा कि मनरेगा की आड में भाजपा फिर से गांव के गरीबों के हितों पर कुठाराघात कर रही है जिसको किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा। कांग्रेस हमेशा गांव गरीब और किसान के साथ मजबूती से खड़ी रही हैं।

पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से भारतीय इतिहास और महापुरुषों के नाम से छेड़छाड़ करती आई हैं। इनका खुद का कोई काम गिनाने लायक है नहीं तो नाम बदलकर योजनाओं को अपने नाम से प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संकट काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने और मजदूरों व गरीबों के अधिकारों में कटौती के प्रयासों का कांग्रेस पुरजोर विरोध किया।

पीसीसी सदस्य पूर्व विधानसभा प्रत्याशी यशपाल गहलोत ने कहा कि भाजपा हर बार की तरह इस बार भी गरीबों के हितों को कुचलना चाहती है, जिसको बर्दास्त नहीं किया जायेगा। सरकार को नाम बदलने के बजाय मजदूरी भुगतान में देरी, काम की कमी और बजट कटौती जैसी वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण मजदूर, महिलाएं और आदिवासी वर्ग जुड़े हुए हैं और किसी भी बदलाव का सीधा असर इन्हीं वर्गों पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि सरकार इस योजना में किए गए बदलावों को वापस ले।

लूणकरणसर प्रत्याशी डॉ.राजेंद्र मुंड ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर नई वीबी जी राम जी योजना से होने वाले नुकसान को कांग्रेस किसी भी सूरत में आमजन के हितों पर कुठाराघात सहन नहीं करेगी। मनरेगा योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली, मजदूरों की क्रय शक्ति बढ़ाई और गैर-कृषि रोजगार का सृजन किया। मनरेगा से घरेलू आय में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि और गरीबी में करीब 26 प्रतिशत की कमी आई।

संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने बताया कि इस अवसर पर पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, प्रदेश महासचिव जिया उर रहमान आरिफ, गजेंद्र सिंह सांखला, प्रदेश सचिव शिवलाल गोदारा, वरिष्ठ कांग्रेसी कन्हैयालाल कल्ला, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शांति बेनीवाल, हरिराम बाना, रामनिवास गोदारा, नीरू चौधरी, सत्तू खां, मेवाराम मेघवाल, उमा सुथार, एड. जितेन्द्र नायक, शिवरी चौधरी, डॉ.प्रीति मेघवाल, चन्द्रशेखर चावरिया, विमल भाटी, शर्मिला पंचारिया, मनीष गौड़, जगदीश खिचड़, खैराज चौधरी, तोलाराम सियाग, प्रफुल हटीला, महिपाल सारस्वत, अरुण व्यास, महेंद्र देवड़ा, प्रदीप जाडीवाल, मकसूद अहमद, हेमंत किराडू, हारून राठौड़, देवीसिंह भाटी, सहीराम विश्नोई, मकसूद अहमद, श्याम सिंह भाटी, हारून राठौड, सलीम भाटी, माशूक अहमद, शब्बीर अहमद, मौलाबक्श, अंबाराम इणखिया, विमल भाटी, धर्मचंद चौधरी, जावेद पडिहार,आजम अली, शहाबुद्दीन भुट्टा, शिवराज गोदारा, नित्यानंद पारीक,इंद्र सिंह, चेतना चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीराम भादू, सुमित कोचर, मोहनराम लीलड़, आनंद सिंह, रामनिवास तर्ड, शहजाद भुट्टा, अजय गोदारा, जाकिर हुसैन नागौरी, लुम्बाराम मेघवाल, विक्की चढ़ा, पूनमचंद भांभू, नंदलाल जावा, घेवरचन्द सियाग, हसन अली गौरी, गजानन्द शर्मा, शबिर अहमद, मुबारक हुसैन, निरमा मेघवाल, अकरम शम्मा, अंजू पारख, इस्माइल खिलजी, करणी सिंह, बाबूलाल मेघवाल अब्दुलरहमान लोदरा, सुभाष स्वामी बलराम नायक जाकिर हुसैन,निर्मल विश्नोई, अब्दुल वाहिद, परमानंद गहलोत, कमलकिशोर साध, मुजाहिद कुरैशी, मनीष गौड़, मनोज चौधरी, नितिन वत्सस, सुशील सुथार, मनोज किराडू, रामनाथ आचार्य, राहुल जादूसंगत, पप्पू गुर्जर ने संबोधित करते हुए जनविरोधी नीतियों का विरोध किया।

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