अबतक इंडिया न्यूज 5 मार्च देशनोक । देशनोक में कल शुक्रवार 6 मार्च को ” पंच गौरव योजना ” में ‘एक जिला एक पर्यटन स्थल’ के तहत करणी माता मंदिर प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यकारी एजेंसी के रूप में देशनोक नगरपालिका को यह दायित्व सौंपा गया हैं।पालिका ईओ रविन्द्र सिंह ने कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को लेकर कार्मिकों को अलग -अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सफाई से लेकर मंच,माइक ,टेंट, मेहमानों का स्वागत,अग्निशमन आदि व्यवस्थाओं के लिए अलग -अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।कार्यक्रम से पूर्व ही पूर्व भाजपा पार्षद ने कार्यक्रम के लिए नियुक्त भ्रष्टाचार आरोपित प्रभारी की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं ।
क्या है पंच गौरव योजना
भजनलाल सरकार द्वारा राजस्थान के सर्वांगीण विकास के महान उद्देश्य के साथ 17 दिसंबर 2024 को ” पंच गौरव योजना ” का शुभारंभ किया गया। यह योजना राजस्थान सरकार की एक अभिनव पहल हैं ,जिसका उद्देश्य ‘ वोकल फ़ॉर लोकल ‘ और ‘ विकास भी विरासत भी ‘ के मूल मंत्र के साथ शुरू की गई।इस योजना के तहत हर जिले के 5 प्रमुख घटकों -उत्पाद,उपज,खेल,वनस्पति व पर्यटन स्थल को विकसित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाना हैं। “आपणो अग्रणी राजस्थान” के सपने को साकार करने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं।
बीकानेर जिले में ‘एक जिला एक पर्यटन स्थल’ के रूप में देशनोक करणी माता मंदिर का चयन हुआ हैं।इसे लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर द्वारा कार्यक्रम हेतु दस लाख रुपए व इसके प्रचार-प्रसार हेतु एक लाख रुपए का बजट आवंटन किया हैं। यह बजट करणी माता की पवित्र विरासत व पर्यटन संवर्धन सहित देशनोक के गौरव को बढ़ावा देना हैं।
संविदा कार्मिकों को अहम दायित्व सौंपने पर उठे सवाल

राजस्थान सरकार के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर देशनोक पालिका ईओ रविंद्र सिंह द्वारा स्थायी वरिष्ठ अधिकारी व कार्मिकों पर संविदा कर्मियों को तवज्जो देने पर पूर्व भाजपा पार्षद लक्ष्मण दान ने गंभीर सवाल उठाए हैं।खासकर पीएम आवास योजना की सीएलटीसी कर्मी पारीक महक को लेकर।पारीक पर पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप हैं जिसे लेकर तत्कालीन ईओ ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।पूर्व पालिका उपाध्यक्षा ने भी पीएम आवास योजना के तहत किस्त के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था । पूर्व पार्षद ने विभिन्न राजस्थान नगरपालिका अधिनियमों का हवाला देते हुए सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर त्वरित उचित आवश्यक जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की हैं।









